उत्तराखंड: एमएनसी कर्मी रिमझिम की मौत से पहले दो स्टांप पेपर पर करवाए थे साइन, पिता ने लगाए आरोप
हल्द्वानी में मल्टीनेशनल कंपनी मदरसन सुमि सिस्टम्स लि. परिसर में 21 वर्षीय कर्मचारी की मौत का मामला, चलते-चलते अचानक गिर पड़ी थी

Rajkumar Dhiman, Uttarakhand: हल्द्वानी में मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) मदरसन सुमि में काम करने वाली 21 वर्षीय युवती रिमझिम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में उसके पिता ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि हाल में रिमझिम ने वेतन बढ़ोतरी को लेकर किए गए आंदोलन में कंपनी के विरुद्ध मोर्चा खोला था। फिर अचानक ड्यूटी समाप्त कर लौटते समय वह चलते-चलते गिर पड़ीं और उसकी मौत हो गई। यह भी जांच का विषय है कि मौत से पहले रिमझिम ने कंपनी के किन दो स्टांप पेपर पर साइन किए थे और वह साइन किन परिस्थितियों में करवाए गए थे।
ड्यूटी खत्म होने के कुछ मिनट बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र स्थित ईसाई नगर नंबर-1 निवासी रिमझिम शनिवार को कंपनी की ‘ए’ शिफ्ट में ड्यूटी कर रही थी। बताया गया कि दोपहर करीब 2 बजे उसने अपना कार्ड पंच किया और अन्य महिला कर्मचारियों के साथ फैक्ट्री के मुख्य गेट से बाहर निकली।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कंपनी गेट से कुछ दूरी पर पहुंचते ही उसे अचानक चक्कर आया और वह सड़क पर गिर गई। वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। कंपनी प्रबंधन की ओर से उसे तत्काल वाहन से डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना से पहले का वीडियो आया सामने
घटना से पहले का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में रिमझिम अपने सहकर्मियों के साथ ड्यूटी खत्म होने के बाद बाहर निकलती दिखाई दे रही है। कुछ कदम चलने के बाद वह अचानक गिर जाती है। वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
कंपनी में फरवरी में जॉइन की थी नौकरी
कंपनी के HR हेड सुभाष तिवारी के अनुसार, रिमझिम ने इसी वर्ष फरवरी में कंपनी जॉइन की थी। कंपनी की ओर से कहा गया है कि युवती की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया।
पिता ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के पिता मनोहर लाल ने कोतवाली लालकुआं में शिकायत देकर कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो उन्हें बेटी की मौत की जानकारी मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी की ओर से समय पर प्राथमिक उपचार नहीं दिया गया और अस्पताल पहुंचाने में भी लापरवाही बरती गई। पिता का यह भी आरोप है कि पोस्टमॉर्टम से पहले उनसे दो स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करवाए गए। उनका कहना है कि कंपनी प्रबंधन ने पूरी जानकारी स्पष्ट तरीके से नहीं दी।
सैलरी बढ़ोतरी को लेकर प्रदर्शन में शामिल थी रिमझिम
परिजनों के मुताबिक, 19 और 20 अप्रैल को कंपनी में वेतन वृद्धि को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन हुआ था, जिसमें रिमझिम भी शामिल थी। पिता ने आशंका जताई कि इसी वजह से उस पर काम का दबाव बनाया गया हो सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उसकी तबीयत बिगड़ने पर पास के अस्पताल की बजाय दूर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन सिंह राणा ने बताया कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर मामला अचानक तबीयत बिगड़ने या साइलेंट अटैक से जुड़ा माना जा रहा है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।



