वीडियो: चमोली में अतिवृष्टि का कहर: नारायणबगड़ बाजार में घुसा मलबा, वाहन दबे, घर-दुकानों को नुकसान
सड़क पर खड़े कई वाहनों पर गिरा मलबा, दहशत में लोग

Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड में मानसून की औपचारिक दस्तक से पहले ही पहाड़ों में तेज बारिश ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में शुक्रवार देर रात हुई अतिवृष्टि के बाद एक सूखा नाला अचानक उफान पर आ गया। इसके साथ भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और बोल्डर बाजार क्षेत्र में पहुंच गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
मलबा सड़क पर खड़े कई वाहनों पर जा गिरा, जिससे वे दब गए। इसके अलावा कई घरों और दुकानों में भी पानी और मलबा घुस गया, जिससे लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। आधी रात को हुई इस घटना के दौरान लोगों ने घरों से बाहर निकलकर किसी तरह अपनी जान बचाई। कई परिवारों को पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ी।
घटना के कारण ग्वालदम हाईवे भी कुछ समय के लिए बाधित हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया और बाद में यातायात बहाल कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, नारायणबगड़ के ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होने से पहाड़ियों से भारी मात्रा में मलबा बहकर नीचे आया। यह मलबा सूखे नाले के रास्ते थराली-नारायणबगड़ बाजार तक पहुंच गया, जिससे बाजार, सरस्वती शिशु मंदिर क्षेत्र तथा अस्पताल आवास परिसर में भी नुकसान हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी कई बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं।
स्थानीय निवासी दलीप नेगी ने बताया कि पानी और मलबा इतनी तेजी से आया कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। सभी ने किसी तरह घरों से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि राहत एवं बचाव दल को तुरंत मौके पर भेज दिया गया था। हाईवे से मलबा हटाकर यातायात सुचारु कर दिया गया है। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।



