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रेप का आरोपी बोला, दोबारा मौका मिला तो फिर करूंगा, हैवान की मानसिकता ने किया हैरान

पिथौरागढ़ में 5 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी की बीमार मानसिकता ने समाज को सकते में डाला

Round The Watch News: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पांच वर्षीय बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार आरोपी को लेकर पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी करीब 40 दिन पहले हरिद्वार जिला कारागार से रिहा हुआ था और इससे पहले भी वह नाबालिग से जुड़े यौन अपराध में दोषी ठहराया जा चुका था। अब पुलिस उसके आपराधिक व्यवहार, रिहाई के बाद की गतिविधियों और ट्रैवल हिस्ट्री की गहन जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं दिखाया। अधिकारियों का कहना है कि उसने कथित तौर पर कहा कि उसका ध्यान हमेशा छोटे बच्चों की ओर जाता है और यदि भविष्य में दोबारा जेल से बाहर आया तो फिर ऐसा ही अपराध करेगा। आरोपी के इस कथित बयान ने जांच टीम को भी हैरान कर दिया। इसके बाद पुलिस उसके मानसिक और आपराधिक व्यवहार के पैटर्न का भी विश्लेषण कर रही है।

ऐसे सामने आया हैवानियत का मामला
23 जून को पिथौरागढ़ कोतवाली में एक पिता ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी पांच वर्षीय बेटी दोपहर करीब एक बजे अचानक लापता हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चार अलग-अलग टीमें गठित की गईं। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें एक अज्ञात व्यक्ति बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाता दिखाई दिया।

लगातार तलाश के बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज होने के करीब 08 घंटे के भीतर टनकपुर तिराहे के पास से बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। बाद में मेडिकल जांच में उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई।

आरोपी ने ऐसे दिया वारदात को अंजाम
जांच में सामने आया कि आरोपी ने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपनी कमांडर जीप में बैठाया और उसे बिण क्षेत्र के जंगलों में ले गया। वहां उसने कथित तौर पर दुष्कर्म किया। इसके बाद वह बच्ची को बदहवास हालत में टनकपुर तिराहे के पास छोड़कर फरार हो गया। फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है और डॉक्टरों के साथ-साथ बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की टीम उसकी देखभाल कर रही है।

48 घंटे के भीतर गिरफ्तारी
पुलिस ने घटना के लगभग 48 घंटे के भीतर 35 वर्षीय होशियार सिंह, निवासी रई धनौड़ा, पिथौरागढ़ को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(2), 115(2), 137(2), 351(3) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है।

पहले भी नाबालिग से जुड़े मामले में हो चुका था दोषी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी वर्ष 2022 में 11 वर्षीय नाबालिग के अपहरण और यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार हुआ था। जून 2024 में उसे उस मामले में सजा सुनाई गई थी। इसके बाद 14 मई 2026 को वह हरिद्वार जिला कारागार से निजी मुचलके पर रिहा हुआ। रिहाई के करीब 40 दिन बाद वह फिर से इसी तरह के गंभीर अपराध के आरोप में गिरफ्तार हुआ है।

रिहाई के बाद की गतिविधियों की भी होगी जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि 14 मई को जेल से बाहर आने के बाद आरोपी किन-किन स्थानों पर गया, किन लोगों के संपर्क में रहा और क्या इस अवधि में वह किसी अन्य आपराधिक घटना में भी शामिल रहा। उसकी ट्रैवल हिस्ट्री और अन्य गतिविधियों की विस्तृत जांच की जा रही है।

जांच टीम को मिला पुरस्कार
पिथौरागढ़ के एसपी अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि मामले का तेजी से खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 5 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। जांच टीम का नेतृत्व एसआई कमलेश चंद्र जोशी ने किया।

स्थानीय लोगों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच जारी है और यदि आरोपी की किसी अन्य घटना में संलिप्तता सामने आती है तो उस आधार पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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