घूस लेते पकड़ा गया जेई, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पर भी केस, विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई
वाटर कूलर लगाने के बाद ठेकेदार का भुगतान करवाने के एवज में मांगी गई घूस

Amit Bhatt, Dehradun: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने ऊधम सिंह नगर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जसपुर ब्लॉक से जुड़े एक कनिष्ठ अभियंता (जेई) को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मामले में एक ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीडीओ) के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
विजिलेंस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी जेई विवेक कुमार जसपुर ग्राम पंचायत कार्यालय में तैनात था। उसे सोमवार को कुंडा, काशीपुर क्षेत्र में उस समय दबोचा गया, जब वह शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ले रहा था।
वॉटर कूलर के भुगतान के बदले मांगी गई थी रिश्वत
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता जसपुर क्षेत्र का एक पंजीकृत ठेकेदार है, जिसने ब्लॉक जसपुर में वॉटर कूलर लगाने का कार्य पूरा किया था। कार्य का भुगतान जारी कराने के लिए आरोपी जेई विवेक कुमार ने 20 हजार रुपये और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर ने 12 हजार रुपये की अवैध धनराशि की मांग की थी। ठेकेदार ने रिश्वत देने के बजाय मामले की शिकायत सतर्कता अधिष्ठान की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 पर दर्ज कराई।
शिकायत सही मिलने पर बनाई गई ट्रैप टीम
शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान, सेक्टर हल्द्वानी के पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में शिकायत का सत्यापन कराया गया। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर एक निरीक्षक के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई।
सोमवार, 29 जून 2026 को योजनाबद्ध कार्रवाई के दौरान जैसे ही आरोपी जेई ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत ली, पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
वीडीओ के खिलाफ भी दर्ज हुआ मुकदमा
विजिलेंस ने बताया कि मामले में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर को भी आरोपी बनाया गया है। उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पूरे मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और रिश्वतखोरी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
ट्रैप टीम को मिलेगा नगद पुरस्कार
सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन ने सफल कार्रवाई करने वाली ट्रैप टीम को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में रिश्वत की मांग की जाती है तो इसकी सूचना तुरंत सतर्कता अधिष्ठान की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9456592300 पर दें, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके।



