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चढ़ावा विवाद: नोटिस का जवाब देने के बाद सस्पेंड किए गए प्रमोद नौटियाल, कहा साजिश हो रही

सीएम धामी के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय जांच के बाद सामने आएगा पूरा सच

Amit Bhatt, Dehradun: श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने बदरीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गणना के दौरान कथित हेरफेर के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए समिति अध्यक्ष के निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया है। इससे पहले उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर 48 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया था। इस बीच संबंधित कर्मचारी ने अपने जवाब में सभी आरोपों से इनकार करते हुए पूरे मामले को साजिश बताया है और कहा है कि बिना सीसीटीवी फुटेज दिखाए उनसे जवाब मांगा गया।

समिति के मुख्य कार्याधिकारी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया था कि 2 जुलाई 2026 को मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की समीक्षा के दौरान प्रमोद नौटियाल श्रद्धालुओं के चढ़ावे और खाली भेंट की सामान्य गणना के अलावा अपने मोबाइल के साथ कोई वस्तु अलग रखते हुए दिखाई दिए। समिति का कहना है कि पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। इसी आधार पर उनसे पूछा गया कि उन्होंने अपने पास क्या रखा था। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर अधिनियम-1939, आचरण नियमावली-1987 तथा उत्तराखंड सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली-2003 के तहत विभागीय या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कर्मचारी ने कहा- पहले सीसीटीवी फुटेज दिखाई जाए
4 जुलाई 2026 को दिए अपने लिखित जवाब में प्रमोद नौटियाल ने कहा कि उन्हें अब तक संबंधित सीसीटीवी फुटेज नहीं दिखाई गई है। उन्होंने बताया कि उन्हें नोडल अधिकारी (प्रोटोकॉल) का दायित्व भी सौंपा गया है और उच्चाधिकारियों के निर्देश नोट करने के लिए वह अपने साथ कागज या छोटी डायरी रखते हैं, जो संभवतः मोबाइल के पीछे रखी गई होगी। उनका कहना है कि वास्तविक तथ्यों के साथ जवाब देने के लिए पहले उन्हें पूरी सीसीटीवी फुटेज दिखाई जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2003 से मंदिर समिति में नियमित कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं और पूरे सेवा काल में उनके खिलाफ कभी कोई शिकायत नहीं हुई। उनका दावा है कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन किया है।

अपने खिलाफ साजिश का लगाया आरोप
प्रमोद नौटियाल ने अपने जवाब में आरोप लगाया कि 2 और 3 जुलाई को सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में उन पर चोरी के आरोप लगाकर भ्रामक खबरें प्रसारित की गईं, जिससे उनकी सामाजिक, पारिवारिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि भगवान बदरीविशाल के चरणों में इस प्रकार का कृत्य करना तो दूर, ऐसी कल्पना भी उनके लिए महापाप है। उन्होंने आशंका जताई कि व्यक्तिगत रंजिश रखने वाले किसी व्यक्ति या समूह ने कथित सीसीटीवी फुटेज लीक की।

अब हाई लेवल जांच शुरू
मामले ने तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। पूरे प्रकरण की हाई लेवल जांच गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप को सौंपी गई है।

प्रस्तावित जांच समिति में चमोली के पूर्व जिलाधिकारी एवं वर्तमान जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक आईएएस संदीप तिवारी तथा नेशनल हेल्थ मिशन के फाइनेंस कंट्रोलर जगत चौहान को भी शामिल किए जाने की चर्चा है।

20-25 गायब लैपटॉप और संपत्तियों की भी होगी जांच
बीकेटीसी ने स्पष्ट किया है कि जांच केवल चढ़ावे में कथित हेरफेर तक सीमित नहीं रहेगी। पिछले 10 से 12 वर्षों में समिति को मिले 20 से 25 लैपटॉप के गायब होने के मामले की भी जांच की जाएगी। इसके अलावा मंदिर समिति की संपत्तियों, अभिलेखों और अन्य वित्तीय मामलों की भी विस्तृत पड़ताल होगी। समिति का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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