उत्तराखंड की दलित युवती से यूपी में तीन साल तक रेप, पुलिस पर सवाल
डीआईजी के निर्देश पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, आरोपी गिरफ्तार

Round The Watch News: उत्तराखंड के हरिद्वार की रहने वाली एक दलित युवती ने मुरादाबाद के युवक पर नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो बनाकर तीन साल तक ब्लैकमेल करने, बार-बार यौन शोषण करने, जातिसूचक अपमान करने और डेढ़ लाख रुपये वसूलने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का यह भी कहना है कि स्थानीय पुलिस ने पहले उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। बाद में डीआईजी के हस्तक्षेप के बाद मझोला थाने में सोमवार रात 6 जुलाई को रात 9:55 बजे मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी मयंक चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
स्कूटी खरीदने के दौरान हुई पहचान
पीड़िता मूल रूप से हरिद्वार की रहने वाली है और मुरादाबाद में एक निजी कंपनी में नौकरी करती है। वर्ष 2023 में वह स्कूटी खरीदना चाहती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात मयंक चौधरी से हुई, जिसने खुद को दोपहिया वाहनों की खरीद-बिक्री का कारोबारी बताया। भरोसा होने पर युवती ने स्कूटी दिलाने के लिए उसे 70 हजार रुपये दे दिए, लेकिन न तो स्कूटी मिली और न ही रकम वापस की गई। जब उसने पैसे मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगा और व्हाट्सएप पर अश्लील संदेश भेजने लगा।
पैसे लौटाने के बहाने बुलाया, नशीला पदार्थ पिलाकर किया दुष्कर्म
एफआईआर के अनुसार, 20 मार्च 2023 को आरोपी ने पैसे लौटाने का बहाना बनाकर युवती को मुरादाबाद के कांशीराम नगर स्थित अपने कमरे पर बुलाया। वहां उसने कोल्डड्रिंक में कथित तौर पर नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। युवती के बेहोश होने पर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील फोटो तथा न्यूड वीडियो बना लिए। होश आने पर जब युवती ने विरोध किया तो आरोपी ने वीडियो और फोटो वायरल करने की धमकी दी। बदनामी के डर से वह उस समय पुलिस के पास नहीं जा सकी।
वीडियो के दम पर तीन साल तक ब्लैकमेल
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने अश्लील वीडियो सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल करने की धमकी देकर करीब तीन वर्षों तक उसका यौन शोषण किया। इस दौरान उसने अलग-अलग समय पर डरा-धमकाकर उससे लगभग डेढ़ लाख रुपये भी ऐंठ लिए।
शिकायत में कहा गया है कि जब आरोपी को पता चला कि युवती अनुसूचित जाति से है, तो उसने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अपमानित किया। आरोपी ने युवती पर अपने पति को तलाक देकर उसके साथ रहने का दबाव बनाया और दो लाख रुपये की अतिरिक्त मांग भी की।
जान से मारने की धमकी, कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद
पीड़िता के मुताबिक जनवरी 2026 में आरोपी ने फोन पर उसे जान से मारने की धमकी दी। उसने दावा किया है कि इस बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी उसके पास मौजूद है, जिसे जांच में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
थाने में कार्रवाई नहीं हुई, डीआईजी से लगाई गुहार
पीड़िता का आरोप है कि उसने पहले भी मझोला थाने में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके विपरीत आरोपी और उसके परिजनों ने उसके पति को जान से मारने की धमकी देकर जबरन कुछ सादे कागजों पर समझौते के हस्ताक्षर करा लिए। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर पीड़िता ने मुरादाबाद परिक्षेत्र के डीआईजी मुनिराज-जी से मिलकर न्याय की मांग की।
डीआईजी के निर्देश पर दर्ज हुआ मुकदमा
डीआईजी के निर्देश के बाद मझोला थाना पुलिस ने सोमवार रात 9:55 बजे मुख्य आरोपी मयंक चौधरी, उसके पिता तथा अन्य परिजनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि विवेचना के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस ने यह भी बताया कि पीड़िता शादीशुदा है और मुरादाबाद में निजी कंपनी में कार्यरत है।



