भाभी ने पानी में नशा मिलाया और देवर ने किया रेप, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज
12वीं की छात्रा को परीक्षा केंद्र से उठाकर ले गए आरोपी, अश्लील वीडियो भी बनाया

Round The Watch News: हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में 12वीं कक्षा की एक छात्रा को कथित तौर पर दोस्ती के जाल में फंसाकर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी का शिकार बनाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला ने पहले युवती का विश्वास जीता और फिर अपने देवर से उसकी पहचान कराकर उसे सुनियोजित साजिश का शिकार बनाया। मामले में पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के अनुसार, ज्वालापुर के पांवधोई निवासी समरीन ने छात्रा से जान-पहचान बढ़ाई और धीरे-धीरे उसका भरोसा जीत लिया। इसके बाद उसने अपने घर पर युवती की मुलाकात अपने देवर उवेश से कराई। मुलाकात के बाद उवेश लगातार फोन के माध्यम से युवती के संपर्क में रहने लगा और उससे नजदीकियां बढ़ाने का प्रयास करता रहा।
पीड़िता का आरोप है कि 16 मार्च को वह बोर्ड परीक्षा देकर परीक्षा केंद्र से बाहर निकली ही थी कि उवेश वहां पहुंच गया। आरोप है कि उसने युवती को डराया-धमकाया और जबरन बाइक पर बैठाकर समरीन के घर ले गया। वहां समरीन ने दोस्ती का हवाला देकर उसे पानी पिलाया, जिसमें कथित तौर पर नशीला पदार्थ मिला हुआ था। पानी पीने के कुछ ही देर बाद युवती बेहोश हो गई।
छात्रा का आरोप है कि बेहोशी की हालत में उवेश ने उसके साथ दुष्कर्म किया, जबकि समरीन ने अपने मोबाइल फोन से उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। होश में आने के बाद दोनों आरोपियों ने उसे वही वीडियो और तस्वीरें दिखाकर धमकाया और किसी को जानकारी देने पर उन्हें सार्वजनिक करने की चेतावनी दी।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि इसके बाद छात्रा को रोशनाबाद क्षेत्र में ले जाया गया, जहां उसे डरा-धमकाकर कुछ कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए और उसका एक अन्य वीडियो भी बनाया गया। आरोप है कि दोनों आरोपी लगातार उस पर शादी करने का दबाव बनाते रहे और मना करने पर सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें वायरल करने की धमकी देते रहे।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने अश्लील वीडियो और दस्तावेजों के आधार पर उससे 50 हजार रुपये की रंगदारी भी मांगी। रकम नहीं देने पर बदनाम करने और वीडियो सार्वजनिक करने की चेतावनी दी गई।
छात्रा का कहना है कि जब वह शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंची तो उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई और उसे थाने से वापस भेज दिया गया। इसके बाद उसने अपने परिजनों के साथ न्यायालय की शरण ली और अदालत से हस्तक्षेप की मांग की।
न्यायालय के आदेश के बाद ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने आरोपी उवेश और समरीन के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़िता के बयान, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध तथ्यों की गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



