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उत्तराखंड में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने 04 दोस्तों को कुचला, सभी की मौत

हल्द्वानी में हुआ भीषण हादसा, दुर्घटना के बाद डिवाइडर पर चढ़ गया वाहन

Round The Watch News: गौलापार-तीनपानी फ्लाईओवर पर शनिवार रात हुए भीषण सड़क हादसे में चार दोस्तों की मौत हो गई। बरेली से काठगोदाम की ओर जा रही तेज रफ्तार स्कार्पियो ने फ्लाईओवर पर खड़े चार युवकों को कुचल दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन डिवाइडर पर चढ़ गया और उसका एक पहिया तक उखड़कर दूर जा गिरा।

हादसे के समय स्कार्पियो की पिछली सीट पर नैनीताल जिले के ज्योलीकोट स्थित नैंसी कान्वेंट के निदेशक डॉ. संजय सिंह बैठे हुए थे, जबकि वाहन उनका चालक पहदान खान चला रहा था। घटना के बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक गोरापड़ाव हाथीखाल निवासी 17 वर्षीय राहुल राजपूत, गोरापड़ाव निवासी 25 वर्षीय शिवम, बेरीपड़ाव निवासी 20 वर्षीय अंशु आर्य और 18 वर्षीय आदित्य टम्टा आपस में मित्र थे। शनिवार रात करीब 10 बजे चारों तीनपानी फ्लाईओवर के ऊपर मौजूद थे। इसी दौरान बरेली की ओर से आ रही स्कार्पियो अचानक अनियंत्रित हो गई और चारों युवकों को अपनी चपेट में ले लिया।

हादसे के बाद स्कार्पियो डिवाइडर पर चढ़ गई और युवकों की स्कूटी भी वाहन के नीचे दब गई। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर मंडी चौकी और बनभूलपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में चिकित्सकों ने लालकुआं क्षेत्र की एक निजी कंपनी में कार्यरत राहुल राजपूत, पेशे से पेंटर शिवम और अंशु आर्य को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल आदित्य टम्टा को अस्पताल की आईसीयू में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान देर रात उसने भी दम तोड़ दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्कार्पियो की रफ्तार काफी अधिक थी और टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन का पहिया उखड़ गया। हादसे के बाद पुलिस ने वाहन चालक पहदान खान और स्कार्पियो में सवार डॉ. संजय सिंह से पूछताछ की।

प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने पुलिस को बताया कि स्कूटी सवार युवक कथित तौर पर गलत दिशा से लालकुआं की ओर जा रहे थे। उसका कहना है कि तेज बारिश के कारण समय रहते उन्हें देखा नहीं जा सका, जिससे यह दुर्घटना हो गई। हालांकि पुलिस इस दावे की पुष्टि के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।

पुलिस ने चारों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। मामले की जांच जारी है और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

पिछले एक माह में उत्तराखंड के प्रमुख भीषण सड़क हादसे
1. हल्द्वानी स्कार्पियो हादसा
स्थान: गौलापार-तीनपानी फ्लाईओवर, हल्द्वानी (नैनीताल)
तारीख: 11 जुलाई 2026
मृतक: राहुल राजपूत, शिवम, अंशु आर्य और आदित्य टम्टा
वाहन: तेज रफ्तार स्कार्पियो
प्राथमिक वजह: तेज रफ्तार, बारिश के बीच दृश्यता कम होना और दुर्घटना के कारणों को लेकर जांच जारी।

2. देवप्रयाग के पास तीर्थयात्रियों का वाहन अलकनंदा में गिरा
स्थान: देवप्रयाग क्षेत्र, टिहरी-रुद्रप्रयाग सीमा
तारीख: जून 2026
मृतक: कम से कम 3 लोगों की मौत, कई लोग लापता हुए।
वाहन: तीर्थयात्रियों का वाहन
प्राथमिक वजह: पहाड़ी सड़क पर वाहन का नियंत्रण खोना और गहरी खाई में गिरकर अलकनंदा नदी में समा जाना।
अन्य जानकारी: वाहन में राजस्थान के जैसलमेर से आए श्रद्धालु सवार थे। एसडीआरएफ और पुलिस ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया।

3. चंपावत के बाराकोट में वाहन खाई में गिरने के बाद आग लगी
स्थान: बाराकोट, चंपावत
तारीख: 19 जून 2026
मृतक: 5
घायल: 3
वाहन: निजी वाहन
प्राथमिक वजह: वाहन का नियंत्रण खोकर गहरी खाई में गिरना।
अन्य जानकारी: खाई में गिरने के बाद वाहन में आग लग गई, जिससे बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया।

4. उत्तरकाशी, चमोली और अन्य जिलों में अलग-अलग खाई दुर्घटनाएं
स्थान: उत्तरकाशी, चमोली और अन्य पर्वतीय मार्ग
तारीख: मई के अंतिम सप्ताह से जून 2026
मृतक: कुल 7 लोगों की मौत
घायल: 6
वाहन: कार और छोटे यात्री वाहन
प्राथमिक वजह: पहाड़ी मार्गों पर वाहन का अनियंत्रित होकर खाई में गिरना।
अन्य जानकारी: मृतकों में महाराष्ट्र से आए तीर्थयात्री भी शामिल थे।

5. बदरीनाथ हाईवे पर पर्यटक वाहन दुर्घटना
स्थान: रैंतोली, रुद्रप्रयाग
मृतक: 13 लोगों की मौत
वाहन: पर्यटक वाहन
प्राथमिक वजह: वाहन का गहरी खाई में गिरना।
अन्य जानकारी: यह उत्तराखंड के हाल के वर्षों की सबसे भयावह सड़क दुर्घटनाओं में से एक मानी जाती है और इसके बाद पर्वतीय मार्गों पर सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल उठे थे।

उत्तराखंड में सड़क हादसों के प्रमुख कारण
ओवरस्पीडिंग, बारिश और कोहरे के दौरान कम दृश्यता, पहाड़ी सड़कों पर तीखे मोड़ और गहरी खाइयां, थकान की स्थिति में ड्राइविंग, गलत दिशा में वाहन चलाना, सीट बेल्ट और हेलमेट का उपयोग न करना, समय पर चिकित्सा सहायता न मिल पाना आदि।

2025 में हादसों में गई 1242 लोगों की जान
उत्तराखंड में वर्ष 2025 के दौरान 1,846 सड़क हादसों में 1,242 लोगों की मौत दर्ज की गई थी। विशेषज्ञों के अनुसार तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी राज्य में सड़क दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी वजह बनी हुई है।

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