केतन हत्याकांड में नया मोड़: दुष्कर्म के आरोपी दिवाकर डिमरी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम, ग्रामीणों का प्रदर्शन
मृतक केतन की कथित गर्लफ्रेंड के मेडिकल में रेप की पुष्टि होने पर दर्ज मुकदमे के बाद भी गिरफ्तारी न किए जाने से आक्रोशित हैं ग्रामीण
Rajkumar Dhiman, Uttarakhand: उत्तराखंड के चर्चित केतन लाल हत्याकांड में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस बार मामला नाबालिग से कथित दुष्कर्म के आरोप में दर्ज मुकदमे से जुड़ा है। सोमवार को लंबगांव क्षेत्र में बड़ी संख्या में एकजुट हुए ग्रामीणों ने मृतक केतन के दोस्त और आरोपी दिवाकर डिमरी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुख्य सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है, जिससे पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने पहले ही आंदोलन की चेतावनी दी थी और अब उन्होंने सड़क जाम कर पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बनाया है। प्रदर्शनकारियों ने लंबगांव थाने के घेराव का भी ऐलान किया है।
गिरफ्तारी नहीं होने पर भड़का लोगों का गुस्सा
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में लंबगांव थाने में पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी दिवाकर डिमरी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। इसी के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आरोपित की जल्द गिरफ्तारी जरूरी है।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा
यह मामला तब नया मोड़ ले गया, जब प्रतापनगर विकासखंड निवासी महिला और नाबालिग लड़की की मां ने आरोप लगाया कि 7 जून की रात मृतक केतन लाल और उसका मित्र दिवाकर डिमरी उनके घर में घुस आए थे और उनकी नाबालिग बेटी के साथ जबरदस्ती की थी। महिला का कहना था कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद उन्होंने नैनीताल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल परीक्षण कराया। लंबगांव थाना पुलिस के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म/गर्भवती होने की पुष्टि होने के बाद मृतक केतन लाल और दिवाकर डिमरी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना महिला उपनिरीक्षक हेमलता को सौंपी गई है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि नाबालिग लड़की गर्भवती है।
केतन के अंतिम बयान भी बने चर्चा का विषय
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल केतन लाल का एक वीडियो और कथित बयान भी सामने आया था। उसमें वह दावा करता सुनाई दिया था कि उसे बेरहमी से पीटा गया, उसकी हालत बेहद गंभीर है और वह बच नहीं पाएगा। उसने यह भी कहा था कि लड़की ने उसे स्वयं बुलाया था तथा उसके पास बातचीत और संदेशों के प्रमाण मौजूद हैं। हालांकि इन दावों की सत्यता की पुष्टि जांच और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
ऐसे शुरू हुआ था पूरा मामला
देवल गांव निवासी 18 वर्षीय केतन लाल इंटरमीडिएट का छात्र था। बताया गया कि उसका गांव की एक नाबालिग लड़की से प्रेम संबंध था। आरोप है कि 7 जून की रात लड़की के बुलावे पर वह अपने मित्र दिवाकर डिमरी के साथ बाइक से उसके गांव पहुंचा था।
रातभर पिटाई, अस्पताल और फिर मौत
आरोप है कि गांव पहुंचने के बाद लड़की के परिजनों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया और एक कमरे में बंद कर रातभर बेरहमी से पीटा। अगली सुबह दोनों गंभीर हालत में मिले। केतन लाल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लंबगांव ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल दिवाकर डिमरी को एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया।
हत्या के मामले में चार आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल
केतन की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने नाबालिग लड़की के पिता, दादा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की जांच सीओ चंबा को सौंपी गई थी, जबकि फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
अब दो समानांतर मामलों की जांच
फिलहाल इस बहुचर्चित प्रकरण में दो अलग-अलग आपराधिक पहलुओं की जांच चल रही है। एक ओर केतन लाल की मौत को लेकर हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है, जबकि दूसरी ओर नाबालिग से कथित दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में कार्रवाई जारी है।
इसी बीच दिवाकर डिमरी की गिरफ्तारी न होने पर ग्रामीणों का आंदोलन तेज हो गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उधर पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट, डिजिटल सबूतों तथा गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अंतिम स्थिति जांच और न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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