
Round The Watch News: उत्तराखंड सचिवालय में तैनात निजी सचिव सौरभ खत्री की पत्नी और सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पति सौरभ खत्री और ननद चारू खत्री को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
इससे पहले मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीर रूप ले लिया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी के अनुरोध पर पूरे प्रकरण की CBCID जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने विधायक के पत्र पर ही “CBCID जांच” लिखकर जांच राज्य की विशेषज्ञ एजेंसी को सौंपने के निर्देश दिए। अब इस संबंध में औपचारिक प्रशासनिक आदेश जारी होना बाकी है, जिसके बाद विवेचना स्थानीय पुलिस से CBCID को हस्तांतरित की जाएगी।
दरअसल, मृतका की मां सीमा कंडारी की शिकायत पर पति सौरभ खत्री, सास परवीना देवी और ननद चारू खत्री के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) (दहेज मृत्यु) सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रारंभिक विवेचना सीओ डोईवाला वंदना वर्मा को सौंपी गई थी। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों, घटनास्थल से मिले तथ्यों और गवाहों के बयान के आधार पर जांच कर रही थी। इसी क्रम में पुलिस ने पति सौरभ खत्री और ननद चारू खत्री को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में नामजद सास परवीना देवी के संबंध में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।
विधायक विनोद कंडारी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बताया था कि देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिगोली, विकासखंड कीर्तिनगर निवासी सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की 29 जुलाई 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए CBCID जांच के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि सृष्टि कंडारी की शादी नवंबर 2025 में देहरादून के हर्रावाला निवासी एवं उत्तराखंड सचिवालय में तैनात निजी सचिव सौरभ खत्री से हुई थी। मृतका के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से उसे दहेज की मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि ससुर की मृत्यु के बाद सृष्टि को “मनहूस” कहकर अपमानित किया जाता था। 29 जुलाई 2026 को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों की शिकायत पर दहेज मृत्यु का मुकदमा दर्ज किया गया।
अब पति और ननद की गिरफ्तारी तथा मुख्यमंत्री के CBCID जांच के निर्देश के बाद इस चर्चित मामले की जांच और भी अहम हो गई है। औपचारिक आदेश जारी होने के बाद CBCID पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और विस्तृत विवेचना करेगी।



