रिटायर एसई की करोड़ों की जमीन कब्जाने वाले दो गिरफ्तार
मुख्य आरोपित सत्यम पुंडीर के साथ मिलकर तैयार किए थे जमीन के फर्जी दस्तावेज, गिफ्ट डीड के आधार पर कब्जे का प्रयास

Round The Watch News: राजधानी दून के पाश इलाके इंजीनियर्स एन्क्लेव में सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता (एसई) की करोड़ों रुपये की जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्जा करने के मामले में वसंत विहार थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विवेचना के दौरान दोनों की भूमिका मुख्य आरोपित सत्यम पुंडीर के साथ मिलकर जमीन संबंधी धोखाधड़ी करने में सामने आई। पुलिस ने दोनों को सोमवार को उनके घर से गिरफ्तार किया।
थानाध्यक्ष अमित शर्मा के अनुसार, वसुंधरा एन्क्लेव, गाजियाबाद निवासी सचिन चंद्र की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के मुताबिक उनके पिता दिनेश चंद्र ने अगस्त 1987 में जीएमएस रोड स्थित इंजीनियर्स एन्क्लेव में एक प्लाट खरीदा था। दिनेश चंद्र का निधन 24 दिसंबर 2024 को हो गया था। आरोप है कि उनकी मृत्यु के करीब एक वर्ष बाद 20 दिसंबर 2025 को जमीन के संबंध में फर्जी दानपत्र (गिफ्ट डीड) तैयार किया गया।
खुद को बताया दिनेश चंद्र का पोता
पुलिस जांच में सामने आया कि कथित फर्जी दानपत्र में मुख्य आरोपित सत्यम पुंडीर ने खुद को दिनेश चंद्र का पोता दर्शाया। शिकायतकर्ता के अनुसार उनका परिवार अनुसूचित जाति समुदाय से है, जबकि दानपत्र में दर्शाए गए लाभार्थी की पृष्ठभूमि अलग है। आरोप है कि फर्जी दानपत्र के आधार पर जमीन पर कब्जा करने के लिए निर्माण कार्य शुरू कराया गया और वहां सुरक्षाकर्मी भी तैनात कर दिए गए।
इस मामले में सत्यम पुंडीर समेत अन्य आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रकरण की प्रारंभिक विवेचना उप निरीक्षक सुनील नेगी कर रहे थे। विवेचना के दौरान मामले में एससी-एसटी एक्ट की धारा भी बढ़ाई गई। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर प्रकरण की विवेचना सीओ सहसपुर अनुज कुमार को सौंप दी गई।
जांच में दो और आरोपियों की भूमिका आई सामने
आगे की विवेचना में दिलीप कुमार गुप्ता निवासी त्यागी रोड और कर्मदास निवासी महारानी बाग, सेठी मार्केट, वसंत विहार की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार दोनों मुख्य आरोपी सत्यम पुंडीर के साथ मिलकर जमीन संबंधी धोखाधड़ी में शामिल थे। इसके बाद पुलिस ने सोमवार को दोनों आरोपियों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। मामले में पुलिस की ओर से अग्रिम कार्रवाई जारी है।



