डेढ़ लाख में नाबालिग बेटी का सौदा, पैसे कम मिले तो मां ने ही रच दी अपहरण की साजिश
देहरादून में आया चौंकाने वाला मामला, नाबालिग सकुशल बरामद, मानव तस्करी के एंगल से जांच जारी

Amit Bhatt, Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। आर्थिक तंगी से जूझ रही एक मां ने अपनी ही 15 वर्षीय नाबालिग बेटी का डेढ़ लाख रुपये में सौदा कर दिया। जब सौदे की पूरी रकम नहीं मिली तो उसने बेटी के अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस में मुकदमा दर्ज करा दिया। राजपुर थाना पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए नाबालिग को सकुशल बरामद कर चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
झूठी अपहरण की रिपोर्ट से खुला पूरा राज
एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने बताया कि 5 जुलाई को सहस्त्रधारा रोड निवासी एक महिला ने अपनी 15 वर्षीय बेटी के अपहरण की शिकायत राजपुर थाने में दर्ज कराई थी। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और विभिन्न तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिर तंत्र की मदद से नाबालिग का पता लगाते हुए उसे मुजफ्फरनगर से सकुशल बरामद कर लिया।
पूछताछ में सामने आई हैरान करने वाली सच्चाई
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि पिंकी मलिक नाम की महिला ने नाबालिग को उसकी मां से डेढ़ लाख रुपये में खरीदा था। इसके बाद पिंकी ने युवती को दो लाख रुपये में मनीष नामक व्यक्ति को बेच दिया।
80 हजार मिले, बाकी नहीं… तो दर्ज करा दी एफआईआर
पूछताछ में आरोपी मां ने कबूल किया कि उसे सौदे की पूरी रकम नहीं मिली थी। उसे केवल 80 हजार रुपये मिले थे। बाकी पैसे नहीं मिलने पर उसने बेटी के अपहरण की झूठी कहानी बनाकर पुलिस में मुकदमा दर्ज करा दिया, ताकि दबाव बनाकर बाकी रकम हासिल की जा सके।
चार आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस ने मामले में मनीष, लवी कुमार, पिंकी मलिक और नाबालिग की मां को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस पूरे मानव तस्करी नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।



