
Amit Bhatt, Dehradun: बिटकॉइन में निवेश कर कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर देशभर के लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपित हेमंत ईश्वर शर्मा पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की देहरादून सब-जोनल यूनिट ने 31 जुलाई 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत 8.54 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (प्रोविजनल अटैचमेंट) कर दिया है।
BTCFUND.IS के जरिए रचा गया निवेश का जाल
ईडी की जांच के मुताबिक, हेमंत शर्मा ने BTCFUND.IS नाम की आइसलैंड में पंजीकृत वेबसाइट के माध्यम से लोगों को बिटकॉइन में निवेश पर भारी रिटर्न का लालच दिया। निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए यह दावा भी किया गया कि कंपनी से कई विदेशी नागरिक जुड़े हैं, जिससे यह योजना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीय दिखाई देने लगी।
इस मामले की जांच राजपुर थाना, देहरादून में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। बाद में दिनेशपुर थाना (ऊधम सिंह नगर) में भी हेमंत शर्मा और अन्य के खिलाफ इसी मामले में अलग एफआईआर दर्ज की गई। जांच में वेबसाइट का पूरा संचालन और नियंत्रण हेमंत शर्मा के हाथ में होने की बात सामने आई।
पांच साल तक चलता रहा खेल, फिर अचानक गायब हो गई वेबसाइट
ईडी के अनुसार, वर्ष 2014 से 2018 के बीच करीब पांच वर्षों तक यह कथित निवेश योजना संचालित की गई। बड़ी संख्या में निवेशकों से बिटकॉइन जुटाने के बाद वेबसाइट अचानक बंद कर दी गई, जिससे लोगों का निवेश फंस गया और हजारों निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
ब्लॉकचेन जांच में मिला 856.23 बिटकॉइन का सुराग
ईडी ने ब्लॉकचेन विश्लेषण के दौरान 856.23 बिटकॉइन को अपराध की आय (Proceeds of Crime) के रूप में चिन्हित किया है। मौजूदा अनुमानित बाजार मूल्य के आधार पर इन बिटकॉइन की कीमत लगभग 200 करोड़ रुपये आंकी गई है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि इन बिटकॉइन को विभिन्न क्रिप्टो एक्सचेंजों के जरिए धन शोधन कर नकदी में बदला गया और उससे महंगी संपत्तियां, लग्जरी वाहन तथा अन्य निवेश किए गए।
वैध कमाई नहीं, फिर भी बंगला और दो BMW
ईडी का दावा है कि हेमंत शर्मा के पास BTCFUND.IS से प्राप्त धन के अलावा आय का कोई वैध स्रोत नहीं मिला। इसके बावजूद उसने देहरादून के राजपुर रोड स्थित पॉश इलाके में आलीशान बंगला खरीदा, दो BMW कारें खरीदीं और देहरादून व आसपास करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियां अर्जित कीं। जांच में यह भी सामने आया कि कथित अवैध कमाई का इस्तेमाल देहरादून स्थित आवास के नवीनीकरण पर भी किया गया।
पहले भी हो चुकी है 4.56 करोड़ की कुर्की
यह इस मामले में ईडी की पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले एजेंसी 4.56 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियां भी कुर्क कर चुकी है। हेमंत ईश्वर शर्मा को ईडी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह वर्तमान में सुद्धोवाला जेल, देहरादून में न्यायिक हिरासत में बंद है।
अदालत में दाखिल हो चुकी है अभियोजन शिकायत
ईडी ने 20 मई 2026 को विशेष पीएमएलए अदालत, देहरादून में अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दाखिल की थी। अदालत ने 13 जुलाई 2026 को इसका संज्ञान ले लिया। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।



