पीपलकोटी टनल हादसे में लापता तीन श्रमिकों की तलाश तेज, अब तक 07 की मौत की पुष्टि
मुख्यमंत्री धामी ने पीपलकोटी पहुंचकर लिया रेस्क्यू का जायजा, सेना समेत कई एजेंसियां जुटीं

Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में निर्माणाधीन टनल में गुरुवार शाम हुए हादसे के बाद करीब 15 घंटे से राहत एवं बचाव अभियान जारी है। मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में पानी का रिसाव और भूस्खलन होने के बाद अंदर काम कर रहे श्रमिक मलबे में फंस गए। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि तीन श्रमिक अभी भी टनल के अंदर फंसे बताए जा रहे हैं।
बचाव दल ने अब तक 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इनमें 13 घायल श्रमिकों का उपचार गोपेश्वर के जिला अस्पताल में चल रहा है, जबकि एक गंभीर घायल को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर श्रीनगर रेफर किया गया है।
शाम सात बजे हुआ हादसा
अधिकारियों के मुताबिक हादसा गुरुवार 13 अगस्त को शाम करीब सात बजे पीपलकोटी के मायापुर में हुआ। टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी का रिसाव शुरू हुआ। इसके साथ ही भूस्खलन होने से टनल के भीतर पानी और मलबा भर गया और वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
टनल के अंदर पानी और मलबा अधिक होने के कारण बचाव दल के लिए फंसे श्रमिकों तक पहुंचना मुश्किल बना हुआ है। इसके बावजूद टीमें लगातार मलबा हटाकर अंदर जाने का रास्ता बनाने और फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हैं।
सेना और ITBP भी रेस्क्यू में उतरी
बचाव अभियान को तेज करने के लिए जिला प्रशासन के साथ NDRF, SDRF, सेना, ITBP, पुलिस, DRF और फायर सर्विस की टीमें मौके पर तैनात हैं। प्रशासन के अनुसार मौके पर 22 पुलिसकर्मी, NDRF के 27, SDRF के 42, DRF के 4 और फायर सर्विस के 9 जवान-कर्मी रेस्क्यू अभियान में जुटे हैं।
गौचर और जोशीमठ से NDRF और SDRF की अतिरिक्त टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार पूरे बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
22 लोगों के काम करने की जानकारी, आंकड़ों में अंतर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि हादसे के समय टनल में कुल 22 लोगों के काम करने की जानकारी थी। उनके अनुसार 19 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि तीन लोग अभी भी अंदर फंसे हैं।
हालांकि, प्रशासन की ओर से जारी अन्य जानकारी में 7 लोगों की मौत और 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने की बात कही गई है। इन आंकड़ों को जोड़ने पर कुल संख्या अलग बनती है। ऐसे में मृतकों और रेस्क्यू किए गए लोगों की संख्या को लेकर फिलहाल आधिकारिक अपडेट में अंतर दिखाई दे रहा है। तीन लोगों के टनल में फंसे होने की जानकारी पर मुख्यमंत्री ने भी पुष्टि की है।
पीपलकोटी पहुंचे सीएम धामी, खुद लिया रेस्क्यू का जायजा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पीपलकोटी पहुंच चुके हैं। उन्होंने टनल में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए चल रहे राहत एवं बचाव अभियान का स्थलीय निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों व बचाव एजेंसियों से अभियान की प्रगति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू टीमों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि NDRF, SDRF, ITBP, आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। केंद्र सरकार की ओर से भी राज्य को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया गया है।
घायलों से अस्पताल में मिलेंगे मुख्यमंत्री
टनल का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री गोपेश्वर के जिला अस्पताल जाएंगे। यहां वह हादसे में घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका हाल जानेंगे और उपचार की व्यवस्थाओं की जानकारी लेंगे।
फिलहाल बचाव अभियान का सबसे अहम लक्ष्य टनल के अंदर फंसे तीन श्रमिकों तक सुरक्षित पहुंच बनाकर उन्हें बाहर निकालना है। पानी और मलबे के बीच NDRF, SDRF, सेना, ITBP और अन्य एजेंसियों की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।



