
Round The Watch News: नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के आरोप में ऋषिकेश में मंगलवार को आक्रोशित लोगों का गुस्सा सड़क पर उतर आया। बड़ी संख्या में लोग जेसीबी लेकर रेलवे रोड स्थित उस होटल के बाहर पहुंच गए, जहां किशोरी के साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। भीड़ ने होटल को गिराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया और लोगों को रोक दिया।
मामला ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, क्षेत्र निवासी 16 वर्षीय किशोरी सोशल मीडिया के माध्यम से एक युवक के संपर्क में आई थी। आरोप है कि शनिवार को युवक किशोरी को रेलवे रोड स्थित एक होटल में लेकर गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। आरोप है कि युवक ने इस दौरान किशोरी का वीडियो भी बनाया। इसके बाद वह किशोरी को छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस के मुताबिक आरोपित मूल रूप से जानसठ, मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। घटना के बाद से वह फरार है और पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पहचान छिपाने के आरोप की भी जांच
मामले में यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि युवक ने सोशल मीडिया पर किशोरी से संपर्क करते समय अपनी पहचान हिंदू के रूप में बताई थी और कथित तौर पर हिंदू नाम का इस्तेमाल किया था। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में उसकी सोशल मीडिया पहचान, किशोरी से संपर्क और पहचान छिपाने के आरोपों की भी जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
यदि जांच में यह सामने आता है कि आरोपित ने जानबूझकर फर्जी पहचान के जरिए किशोरी को अपने संपर्क में लिया था, तो पुलिस को मामले के इस पहलू की भी पड़ताल करनी होगी। फिलहाल इसे किसी संगठित साजिश या ‘लव जिहाद’ का मामला मानना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।
होटल को लेकर भी लोगों में आक्रोश
घटना की जानकारी फैलने के बाद मंगलवार को लोगों में भारी आक्रोश दिखाई दिया। आक्रोशित लोग जेसीबी लेकर होटल के बाहर पहुंच गए और भवन को गिराने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया और भीड़ को होटल गिराने से रोक दिया।
ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक यशपाल बिष्ट ने बताया कि आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। आरोपित की तलाश जारी है और मामले में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। नाबालिग पीड़िता से जुड़े मामले में उसकी पहचान और उससे संबंधित संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।



