उत्तराखंड

CAT में संजीव चतुर्वेदी की याचिका पर सुनवाई से एक और न्यायिक सदस्य ने खुद को किया अलग

याचिका पर सुनवाई से जज ने किया Recuse, अब नई पीठ के समक्ष होगी सुनवाई

Round The Watch, Desk: भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी संजीव चतुर्वेदी से जुड़े मामले की केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) की प्रधान पीठ में हुई सुनवाई के दौरान न्यायिक सदस्य राजवीर सिंह वर्मा ने स्वयं को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया। 21 सितंबर 2026 को जारी CAT की आदेश-पत्रिका में इसका स्पष्ट उल्लेख है। आदेश में हालांकि न्यायिक सदस्य के recusal का कोई कारण दर्ज नहीं किया गया है। मामले में चतुर्वेदी स्वयं अपनी पैरवी कर रहे हैं। प्रतिवादी की ओर से अधिवक्ता टीसी अग्रवाल उपस्थित हुए। मामला पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से संबंधित है।

APAR नियमों और उत्तराखंड सरकार के पत्र का हवाला

सुनवाई के दौरान चतुर्वेदी ने All India Services (Performance Appraisal Report) Rules, 2007 के प्रावधानों तथा उत्तराखंड सरकार की ओर से 29 नवंबर 2021 को जारी संचार का हवाला दिया। इस संचार में भारतीय वन सेवा अधिकारियों की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (APAR) के निस्तारण से संबंधित विभिन्न प्राधिकारियों का उल्लेख किया गया था। CAT के आदेश के मुताबिक, याचिका अभी रजिस्ट्री की आपत्तियों के अधीन है। इनमें एक आपत्ति यह भी थी कि आवेदक की ओर से की गई representation समय से पहले है। सुनवाई के दौरान आवेदक को मामले से संबंधित मुद्दे पर अपनी प्रस्तुतियां रखने के लिए कहा गया। आदेश के अनुसार, चतुर्वेदी ने इसके बाद विभिन्न सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का भी उल्लेख किया।

आदेश में नहीं बताया गया recusal का कारण

मामले की कुछ देर सुनवाई के बाद आदेश में दर्ज किया गया कि “Hon’ble Mr. Rajveer Singh Verma, Member (J), recuses himself from hearing this matter.” इसके बाद रजिस्ट्री को मामले को उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने और संबंधित पक्षों को इसकी सूचना देने के निर्देश दिए गए। महत्वपूर्ण यह है कि 21 सितंबर के उपलब्ध आदेश में न्यायिक सदस्य के स्वयं को सुनवाई से अलग करने के कारण का कोई उल्लेख नहीं है। इसलिए उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर recusal के पीछे किसी विशेष कारण, हितों के टकराव या पूर्वाग्रह का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इसी तरह, उपलब्ध आदेश से यह स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं होता कि यह किसी विशेष संख्या के “17वें जज” का recusal था। इसलिए इस दावे को तथ्य के रूप में शामिल करना उचित नहीं है।अब मामले की सुनवाई उपयुक्त/नई पीठ के समक्ष होगी। अगली सुनवाई की प्रक्रिया CAT रजिस्ट्री द्वारा निर्धारित की जाएगी।

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