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स्टेशनरी कारोबारियों पर जीएसटी का शिकंजा, 01 ने जमा कराए 1.32 लाख

दूसरे राज्यों के जीएसटी नंबर पर दून में अभिभावकों स्टेशनरी और यूनिफॉर्म बेचकर कर रहे थे कर चोरी

Amit Bhatt, Dehradun: स्कूलों का नया सत्र शुरू होते ही उत्तराखंड में स्टेशनरी और यूनिफॉर्म का धंधा फूलने-फलने लगता है। कारोबार भी सामान्य तरीके से नहीं किया जाता, बल्कि स्कूल प्रशासन की शह पर तमाम कारोबारी एक तरफ अभिभावकों से मनमानी वसूली करते हैं, जबकि दूसरी तरफ मोटा माल कूटने के बाद भी सरकार को टैक्स नहीं दिया जाता। ऐसे ही जिन दो कारोबारियों पर स्टेट जीएसटी की टीम ने शिकंजा कसा था, उन्होंने कर का भुगतान अर्थदंड के साथ करना शुरू कर दिया है।

राज्य कर विभाग की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (एसआइबी) देहरादून ने सहस्रधारा रोड स्थित डीपीएस परिसर के पास 06 अप्रैल 2024 को छापा मारा था। जहां 02 कारोबारी एक स्थल पर अभिभावकों को स्टेशनरी और यूनिफार्म की बिक्री कर रहे थे। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने पाया कि ये कारोबारी राज्य से बाहर पंजीकृत हैं और अभिभावकों को वहीं का बिल थमा रहे हैं। इस बिक्री पर जीएसटी भी जमा नहीं किया जा रहा था।

छापेमारी के दौरान राज्य कर विभाग की टीम ने कारोबारियों के लैपटाप और विभिन्न अभिलेख कब्जे में लिए थे। जिनकी जांच के क्रम में एक फर्म ने कर और अर्थदंड के रूप में 01 लाख 32 हजार रुपये जमा कराए हैं। दूसरे कारोबारी से भी शीघ्र वसूली की बात सामने आ रही है।

कार्रवाई के बाद जीएसटी पंजीकरण का आवेदन
राज्य कर विभाग की कार्रवाई के बाद दोनों कारोबारियों ने राज्य में जीएसटी पंजीकरण के लिए आवेदन कर दिया। जिसके बाद ये कारोबारी राज्य कर विभाग के सीधे रडार पर रहेंगे और कर चोरी करना आसान नहीं होगा। अन्यथा दूसरे राज्यों में पंजीकृत कारोबारी माल बेचकर निकल जाते हैं। कभी-कभार ही ऐसे कारोबारी पकड़ में आ पाते हैं।

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