खेल की प्रैक्टिस में भाला गले मे जा घुसा, मैदान सील और जांच शुरू
चंपावत में जैवलिन थ्रो की प्रैक्टिस के दौरान घोर लापरवाही से 19 साल के छात्र की मौत, मां हुई बेहोश

Rajkumar Dhiman, Uttarakhand: उत्तराखंड के चंपावत में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 19 वर्षीय छात्र की जान चली गई। गोरलचौड़ मैदान में चल रही खेल अभ्यास के दौरान जैवलिन (भाला) लगने से छात्र की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई और अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इकलौते बेटे की मौत से सदमे में आई मां बेहोश हो गई। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। फिलहाल, मैदान को सील कर घटना की जांच की जा रही है।
एक साथ चल रही थीं दो गतिविधियां
शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे गोरलचौड़ ग्राउंड में राजकीय पॉलिटेक्निक के छात्र वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता से पहले अभ्यास के लिए एकत्र हुए थे। मैदान के एक हिस्से में जैवलिन थ्रो का अभ्यास चल रहा था, जबकि पास ही कुछ छात्र फुटबॉल खेल रहे थे। दोनों गतिविधियां एक साथ संचालित हो रही थीं।
गेंद लेने गए छात्र के साथ हुआ हादसा
फुटबॉल खेलते समय गेंद उछलकर जैवलिन प्रैक्टिस क्षेत्र में चली गई। खेल रुकने पर सेकेंड ईयर के छात्र सोमेंद्र बोहरा गेंद लेने के लिए उस दिशा में बढ़े, जहां भाला फेंका जा रहा था। उसी दौरान एक अन्य छात्र ने पीछे से जैवलिन थ्रो किया।
गले में लगा भाला, मौके पर गिरे
भाला सीधे सोमेंद्र के गले में जा लगा। वार इतना अचानक था कि उन्हें संभलने या हटने का मौका नहीं मिला। वह तुरंत जमीन पर गिर पड़े और कुछ ही सेकंड में उनकी हालत बिगड़ गई। आधे मिनट के भीतर वह बेहोश हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत
साथी छात्रों ने बिना देरी किए उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां पहुंचने में लगभग 10 मिनट लगे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, बाहरी घाव अपेक्षाकृत छोटा था, लेकिन अंदरूनी चोट बेहद गंभीर थी, जिसने जानलेवा रूप ले लिया।
डॉक्टरों ने बताई मौत की वजह
मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. हीरा सिंह ह्यांकी के मुताबिक भाला गर्दन और कंधे के बीच गहराई तक धंस गया था। इससे शरीर के भीतर तेज रक्तस्राव हुआ और ऑक्सीजन सप्लाई बाधित हो गई, जिससे छात्र की हालत तेजी से बिगड़ गई और उसकी मृत्यु हो गई।



