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दो दिन बाद घर लौटी 15 साल की किशोरी से गैंगरेप का आरोप, कुछ ही घंटों में मौत

परिवार ने पुलिस पर लगाया प्रताड़ना का आरोप, पोस्टमार्टन में संदिग्ध जहरीले पदार्थ की आशंका

Round The Watch News: हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। दो दिन तक लापता रहने के बाद घर लौटी नाबालिग की कुछ ही घंटों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने लड़की के साथ गैंगरेप, मारपीट और पुलिस प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया। मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है और विपक्षी नेताओं ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।

परिवार का आरोप है कि किशोरी को 03 युवक अपने साथ ले गए थे। उनका कहना है कि बरामद होने के बाद पुलिस उसे पूछताछ के लिए ज्वालापुर कोतवाली ले गई, जहां उससे सख्ती से पूछताछ की गई और मारपीट भी हुई। परिजनों के मुताबिक बच्ची पहले से डरी हुई थी और कोतवाली से लौटने के बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।

ट्यूशन के लिए निकली, रात में दर्ज हुआ अपहरण का केस
पुलिस के मुताबिक 8 मई की शाम करीब 4 बजे किशोरी घर से ट्यूशन जाने की बात कहकर निकली थी। देर रात तक वापस नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद रात करीब 11:45 बजे ज्वालापुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने रात 1:05 बजे अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया। मामले की जांच महिला उपनिरीक्षक ललिता चुफाल को सौंपी गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी माध्यमों की मदद से किशोरी की तलाश शुरू की।

दोस्त के साथ हरिद्वार और ऋषिकेश घूमने की बात आई सामने
पुलिस के अनुसार 9 मई की सुबह करीब 11 बजे किशोरी को तलाश लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने एक दोस्त के साथ हरिद्वार और ऋषिकेश घूमने गई थी। पुलिस का कहना है कि दोनों गंगा किनारे बैठे थे और बाद में कनखल क्षेत्र में भी रुके थे।

बताया गया कि सुबह किशोरी ने अपनी सहेली को फोन कर लोकेशन बताई, जिसके बाद परिवार और पुलिस मौके पर पहुंचे। इसके बाद किशोरी को परिजनों की सहमति से ज्वालापुर कोतवाली लाया गया, जहां परिवार की मौजूदगी में पूछताछ की गई।

घर पहुंचते ही बिगड़ी तबीयत, मौत के बाद मचा बवाल
पुलिस के मुताबिक दोपहर करीब 3:30 बजे किशोरी को परिवार के सुपुर्द कर दिया गया था। वहीं परिजनों का कहना है कि घर पहुंचने के कुछ समय बाद ही उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिवार उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद पुलिस ने शव को जिला अस्पताल भेजा, जहां पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर परिजनों और स्थानीय लोगों ने जोरदार हंगामा किया। परिवार ने बच्ची के साथ गैंगरेप और प्रताड़ना की आशंका जताते हुए संबंधित युवकों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पुलिस पर उठे गंभीर सवाल
परिजनों का आरोप है कि कोतवाली में किशोरी के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उनका कहना है कि पुलिस ने बच्ची को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। परिवार का दावा है कि अगर संवेदनशीलता दिखाई जाती तो शायद बच्ची की जान बच सकती थी।

इसी बीच कांग्रेस विधायक रवि बहादुर अपने समर्थकों के साथ ज्वालापुर कोतवाली पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। जिला अस्पताल पहुंचे कांग्रेस नेता संजय सैनी ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस और जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

पोस्टमॉर्टम में जहरीले पदार्थ की आशंका
10 मई को डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच किशोरी के शव का पोस्टमॉर्टम किया। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में शरीर में ‘सस्पेक्टेड पॉयजन’ यानी जहरीले पदार्थ की आशंका सामने आई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।

ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि परिजनों ने ऋतिक समेत कुछ महिला और पुरुष मित्रों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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