Uttarakhand

ईंधन बचाने को पैदल निकले हाई कोर्ट के जज, उत्तराखंड में शुरू हुआ खास अभियान

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता समेत न्यायिक अधिकारी पैदल पहुंचे कोर्ट, “सुरक्षित ईंधन-सुरक्षित जीवन” अभियान के तहत लोगों को भी किया जा रहा जागरूक

Amit Bhatt, Dehradun: उत्तराखंड हाई कोर्ट में शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर एक अनोखी पहल की शुरुआत की गई। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता, वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी सहित अन्य न्यायाधीश, न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी अपने आवासों से पैदल चलकर कोर्ट और कार्यालय पहुंचे। यह पहल “सुरक्षित ईंधन-सुरक्षित जीवन” अभियान के तहत की गई।

यह अभियान उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) की ओर से शुरू किया गया है। बताया गया कि यह पहल प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा संबंधी अपील के अनुरूप चलाई जा रही है। अभियान का उद्देश्य न्यायिक व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और वादकारियों को निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन, साइकिल या पैदल चलने के लिए प्रेरित करना है।

शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे से 10 बजे के बीच मुख्य न्यायाधीश के साथ रजिस्ट्रार जनरल योगेश कुमार गुप्ता, सालसा के सदस्य सचिव प्रदीप मणि त्रिपाठी और अन्य कर्मचारी भी पैदल ही अदालत पहुंचे। इस दौरान न्यायपालिका से जुड़े लोगों ने ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

हाई कोर्ट प्रशासन ने दूरदराज क्षेत्रों जैसे भवाली और हल्द्वानी से आने वाले अधिवक्ताओं से भी अपील की है कि वे कोर्ट की कार्यवाही में अधिक से अधिक वर्चुअल माध्यम से शामिल हों, ताकि अनावश्यक यात्रा और ईंधन की खपत कम की जा सके।

यह अभियान 15 मई से शुरू होकर कम से कम एक महीने तक चलाया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक सोमवार और शनिवार को न्याय वितरण प्रणाली से जुड़े सभी हितधारकों को निजी वाहनों का उपयोग न करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

साथ ही राज्य के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में “सुरक्षित ईंधन-सुरक्षित जीवन” नाम से जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button