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पैनेसिया अस्पताल सील, पंजीकरण भी किया गया सस्पेंड

अस्पताल में अग्निकांड के बाद सीएम धामी के सख्त रुख को देखते हुए लिया गया एक्शन

Rajkumar Dhiman, Dehradun: देहरादून के हरिद्वार रोड स्थित पैनेसिया सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को शुक्रवार को प्रशासन ने सील कर दिया। दो दिन पहले अस्पताल के आईसीयू में लगे एसी में शॉर्ट सर्किट और ब्लास्ट के बाद भीषण आग लग गई थी। हादसे में वेंटिलेटर पर भर्ती 60 वर्षीय महिला मरीज वीरावती देवी की धुएं में दम घुटने से मौत हो गई, जबकि मरीजों, तीमारदारों और पुलिसकर्मियों समेत 14 से अधिक लोग झुलस गए थे। घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

जांच के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने अस्पताल में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की पुष्टि की। इसके बाद ‘क्लीनिक एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट’ के तहत अस्पताल का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक अस्पताल में किसी भी प्रकार की चिकित्सा गतिविधि संचालित नहीं की जा सकेगी।

अग्निकांड के दौरान अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई थी। अंदर फंसे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए दमकलकर्मियों को अस्पताल की खिड़कियों के शीशे तोड़ने पड़े। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 14 गंभीर मरीजों को बाहर निकालकर शहर के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

हादसे में महिला मरीज की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए परिसर में जमकर हंगामा किया और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठाए।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी अभिनव त्यागी के अनुसार प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट सामने आई है। उन्होंने कहा कि किसी अस्पताल भवन में आग लगना अपने आप में सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का संकेत है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। एसडीएम अपूर्वा सिंह ने बताया कि फायर एनओसी और सुरक्षा उपकरणों के संचालन में कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है।

इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और फायर ब्रिगेड ने पूरे शहर में फायर सेफ्टी व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि अब देहरादून के सभी छोटे-बड़े सरकारी और निजी अस्पतालों में सख्त फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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