वीडियो: रिश्वतखोरी में तहसील का पेशकार गिरफ्तार, वकीलों ने किया हंगामा
रुड़की तहसील का मामला, सिर्फ छोटी मछलियों को पकड़ने का आरोप लगाते हुए भारी विरोध, गेट तोड़ने की कोशिश

Amit Bhatt, Dehradun: सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है। रुड़की तहसील में विजिलेंस टीम ने तहसीलदार के पेशकार को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और मामला इतना गर्मा गया कि अधिवक्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार पकड़े गए पेशकार का नाम संदीप बताया जा रहा है। विजिलेंस टीम ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाकर कार्रवाई की और उसे रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे एक कमरे में ले जाकर पूछताछ की जा रही है। टीम पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।
कार्रवाई के दौरान वकीलों का हंगामा
विजिलेंस की कार्रवाई की खबर फैलते ही तहसील परिसर में बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकत्र हो गए। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के बड़े केंद्रों और प्रभावशाली अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय केवल छोटे कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना था कि यदि तहसीलों और सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार की गहराई से जांच हो तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ आक्रोशित लोगों ने उस स्थान के गेट तक तोड़ने की कोशिश की जहां विजिलेंस की कार्रवाई चल रही थी। स्थिति तनावपूर्ण होते देख आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस अधिकारियों ने समझा-बुझाकर अधिवक्ताओं को शांत कराया।
क्या केवल पेशकार ही जिम्मेदार?
यह मामला एक बार फिर उस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है जहां आम नागरिकों को जमीन, नामांतरण, दाखिल-खारिज, प्रमाण पत्र और राजस्व संबंधी कार्यों के लिए महीनों चक्कर लगाने पड़ते हैं। अक्सर शिकायतें सामने आती हैं कि बिना “सुविधा शुल्क” के फाइलें आगे नहीं बढ़तीं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी कार्यालय में रिश्वतखोरी की शिकायतें लगातार सामने आती हैं तो क्या उसकी जिम्मेदारी केवल एक पेशकार या कर्मचारी तक सीमित है? क्या सिस्टम में बैठे जिम्मेदार अधिकारी इससे पूरी तरह अनजान रहते हैं? और यदि नहीं, तो फिर कार्रवाई की आंच ऊपरी स्तर तक क्यों नहीं पहुंचती?
जनता को बड़े खुलासों का इंतजार
विजिलेंस की कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सकारात्मक कदम माना जा रहा है, लेकिन लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि जांच केवल गिरफ्तारी तक सीमित रहती है या फिर रिश्वत के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों तक भी पहुंचती है।
फिलहाल रुड़की तहसील परिसर में माहौल सामान्य करने की कोशिश की जा रही है, जबकि विजिलेंस टीम मामले की जांच और पूछताछ में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में इस कार्रवाई से जुड़े और भी खुलासे सामने आ सकते हैं।
(नोट: विजिलेंस की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों में बदलाव संभव है।)



