राज्य कर अधिकारियों के ग्रेड पे बढ़ाने की मांग पर सरकार का विराम, वित्त विभाग ने प्रस्ताव किया खारिज
155 कार्यरत और 54 भावी राज्य कर अधिकारियों को लगा झटका

Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड में राज्य कर अधिकारियों (पूर्व वाणिज्य कर अधिकारी) को वेतन मैट्रिक्स लेवल-7 (ग्रेड वेतन 4600) से लेवल-8 (ग्रेड वेतन 4800) में उच्चीकृत किए जाने की मांग पर राज्य सरकार ने फिलहाल स्पष्ट रूप से ‘ना’ कह दिया है। वित्त विभाग ने इस संबंध में लंबित प्रस्ताव का परीक्षण करने के बाद इसे विचार योग्य नहीं माना और मांग को अस्वीकार कर दिया है। इस आदेश के दायरे में वर्तमान में करीब 155 राज्य कर अधिकारी हैं और 54 नावनियुक्ति के तहत जल्द तैनाती प्राप्त करेंगे।
वित्त विभाग के अपर सचिव नवनीत पांडेय द्वारा 18 जून 2026 को जारी पत्र में राज्य कर आयुक्त को अवगत कराया गया है कि राज्य कर सेवा संघ की ओर से की गई मांग का विधिक और प्रशासनिक परीक्षण कराया गया। परीक्षण के बाद यह निष्कर्ष निकला कि वर्तमान परिस्थितियों में राज्य कर अधिकारियों को ग्रेड वेतन 4800 देने का कोई औचित्य नहीं बनता।
पहले भी खारिज हो चुका था मामला
सरकार ने अपने आदेश में साफ कहा है कि यह मामला पहले भी वेतन विसंगति समिति के समक्ष रखा जा चुका था। उस समय भी कोई नया तथ्य या ठोस आधार प्रस्तुत नहीं किया गया था, जिसके कारण समिति ने इसे विचार योग्य न मानते हुए निरस्त कर दिया था। इस बार भी कोई ऐसा नया आधार सामने नहीं आया जिससे पुराने निर्णय को बदला जा सके।
केंद्र के उदाहरण को भी नहीं किया स्वीकार
राज्य कर सेवा संघ की ओर से तर्क दिया गया था कि केंद्रीय सीमा शुल्क विभाग (Central Customs Department) में सुपरिटेंडेंट का पद ग्रेड पे 4800 में है। लेकिन वित्त विभाग ने इस दलील को भी खारिज कर दिया। सरकार का कहना है कि केंद्र में सुपरिटेंडेंट का पद पूरी तरह पदोन्नति आधारित है और उस कैडर की संरचना अलग है। इसलिए उसकी तुलना उत्तराखंड राज्य कर विभाग से नहीं की जा सकती।
मंत्रालयी कैडर की विसंगति का भी दिया जवाब
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मंत्रालयी कैडर के कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों (SAO) को एसटीओ पद पर पदोन्नति का विकल्प उपलब्ध है, जिससे एक विसंगति उत्पन्न हुई है। हालांकि विभाग का कहना है कि यह स्थिति कैडर पुनर्गठन के कारण बनी थी और इसे समाप्त करने का प्रस्ताव पहले से तैयार है। प्रस्ताव के अनुसार भविष्य में पदोन्नति का विकल्प केवल प्रशासनिक अधिकारी (AO) ग्रेड पे 4600 तक सीमित किया जाएगा। यह प्रस्ताव स्वीकृति के अंतिम चरण में है।
उत्तर प्रदेश का हवाला भी नहीं चला
राज्य कर अधिकारियों की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2016 में एसटीओ को ग्रेड पे 4800 प्रदान किया जा चुका है। लेकिन वित्त विभाग ने इसे भी स्वीकार नहीं किया। आदेश में कहा गया है कि एक राज्य में सेवा शर्तों में किए गए बदलाव स्वतः दूसरे राज्य पर लागू नहीं होते। साथ ही राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2000 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया कि दोनों राज्यों की प्रशासनिक और वित्तीय परिस्थितियां अलग हैं, इसलिए तुलना उचित नहीं है।
सरकार का अंतिम रुख
वित्त विभाग ने अपने पत्र में साफ शब्दों में कहा है कि उपलब्ध तथ्यों, कानूनी परीक्षण और स्थापित सिद्धांतों के आधार पर वेतन उच्चीकरण की मांग विचार योग्य नहीं है। इसके चलते राज्य कर अधिकारियों को फिलहाल लेवल-8 (ग्रेड वेतन 4800) का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार ने राज्य कर आयुक्त को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। इससे अब कर्मचारियों में निराशा बढ़ सकती है और इस मुद्दे पर आगे संगठनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।



