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मोबाइल हैक कर उड़ाए 25 लाख रुपये, उत्तराखंड STF ने पश्चिम बंगाल से साइबर गिरोह के दो सदस्य दबोचे

देहरादून के कारोबारी के खाते से हुई थी ठगी, बैंक खाते, एटीएम और सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे आरोपी

Amit Bhatt, Dehradun: साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून टीम ने करीब 25 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। आरोपित साइबर ठगों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल देशभर में साइबर धोखाधड़ी के लिए किया जाता था।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि देहरादून निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने उसका मोबाइल फोन हैक कर ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदल दिया। इसके बाद उसकी कंपनी के बैंक खाते से करीब 24.95 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

डिजिटल सुरागों से पश्चिम बंगाल तक पहुंची जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ ने विशेष जांच शुरू की। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े डेटा जुटाए। बैंक, टेलीकॉम कंपनियों और अन्य एजेंसियों से प्राप्त जानकारी का विश्लेषण करने पर जांच की कड़ी पश्चिम बंगाल तक पहुंची।

निरीक्षक आशीष गुसाईं के नेतृत्व में गठित टीम 14 जून को पश्चिम बंगाल रवाना हुई। लगातार निगरानी और मुखबिर की सूचना के आधार पर 18 जून को रानाघाट क्षेत्र से दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।

बैंक खाते और एटीएम कार्ड सप्लाई करता था गिरोह

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान तपन बिस्वास (45 वर्ष) और उत्तम कुमार दास (38 वर्ष) निवासी नार्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है।

पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे विभिन्न व्यक्तियों के नाम से बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंकिंग विवरण साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इसके बदले उन्हें कमीशन और आर्थिक लाभ मिलता था। जांच में यह भी सामने आया कि उत्तम कुमार दास ने अपने नाम से भी कई बैंक खाते खुलवाकर उनके डेबिट कार्ड साइबर ठगों को दिए थे।

दूसरी लेयर में पहुंची थी ठगी की रकम

एसटीएफ के अनुसार जांच में पाया गया कि तपन बिस्वास संदिग्ध बैंक खातों के संचालन और ठगी की रकम के लेनदेन में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। वहीं, पीड़ित से ठगी गई रकम का हिस्सा दूसरी लेयर में उत्तम कुमार दास के बैंक खाते में ट्रांसफर होने के साक्ष्य भी मिले हैं। इससे दोनों की साइबर अपराध नेटवर्क में सक्रिय भूमिका की पुष्टि हुई है।

भारी मात्रा में बरामद हुआ साइबर अपराध का सामान

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 13 डेबिट/एटीएम कार्ड, तीन मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, ब्लैंक चेक तथा बैंक खाते खोलने से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि उत्तराखंड को साइबर अपराध मुक्त बनाने के अभियान के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह देशभर में हुई कई साइबर ठगी की घटनाओं से जुड़ा हो सकता है।

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