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पंजाब से देहरादून पहुंच रही थी शराब की बड़ी खेप, STF और पुलिस ने 80 पेटी अंग्रेजी शराब समेत ट्रक चालक दबोचा

उत्तराखंड में शराब तस्करी का जहर घोलने से पहले पकड़ा गया माल, गुणवत्ता की भी होगी जांच

Amit Bhatt, Dehradun: नशा तस्करों पर STF का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। देहरादून में एसटीएफ और थाना पटेलनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पंजाब से लाई जा रही अवैध अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई है। पुलिस ने 80 पेटी पंजाब मार्का अंग्रेजी शराब से भरे एक ट्रक को सीज करते हुए उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने राज्य में हरियाणा, पंजाब और दिल्ली से लाई जा रही अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने अपनी टीमों को नशे के कारोबार में लिप्त लोगों पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

पंजाब से भरकर लाई गई थी शराब की खेप
एसटीएफ और थाना पटेलनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने 21 जून 2026 को कार्रवाई करते हुए थाना पटेलनगर क्षेत्र में एक ट्रक को रोका। तलाशी के दौरान ट्रक से पंजाब मार्का अंग्रेजी शराब की कुल 80 पेटियां बरामद हुईं। जांच में सामने आया कि शराब की यह खेप मोहाली (पंजाब) से उत्तराखंड लाई जा रही थी।

बरामद शराब का पूरा ब्योरा
पुलिस ने ट्रक से निम्न ब्रांड की शराब बरामद की है—
-25 पेटी रॉयल स्टैग – कुल 300 बोतल
-35 पेटी मैकडोवेल – कुल 1680 पव्वे
-20 पेटी इंपीरियल ब्लू – कुल 960 पव्वे
इसके अलावा शराब ढोने में इस्तेमाल किया जा रहा ट्रक संख्या UK12CA-0451 भी कब्जे में ले लिया गया है।

मोहाली निवासी चालक गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ट्रक चालक जगजीत सिंह पुत्र हरदीत सिंह, निवासी ग्राम बुडनपुर, थाना बनूर, जिला मोहाली (पंजाब) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ थाना पटेलनगर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

एसएसपी अजय सिंह बोले, नशा तस्करों के खिलाफ अभियान जारी
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने कहा कि उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से एसटीएफ लगातार अभियान चला रही है। राज्य में बाहर से लाई जा रही अवैध शराब, मादक पदार्थों और अन्य नशीले कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पंजाब से लाई गई इस बड़ी खेप को देहरादून और आसपास किन लोगों तक पहुंचाया जाना था तथा इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।

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