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जेल से रिहा होकर लौटे निहंगों के स्वागत समारोह में हंगामा, बाबा जसदीप सिंह से हाथापाई की कोशिश

एक व्यक्ति ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और कृपाण छीनने का भी प्रयास

Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड के कर्णप्रयाग मारपीट मामले में जमानत मिलने के बाद पंजाब लौटे निहंग सिंहों के स्वागत समारोह के दौरान रविवार को मोहाली के सोहाना स्थित गुरुद्वारे में अचानक तनाव की स्थिति बन गई। समारोह के बीच एक व्यक्ति ने बाबा जसदीप सिंह के पास पहुंचकर कथित तौर पर हाथापाई करने की कोशिश की। हालांकि मौके पर मौजूद निहंगों ने तुरंत उसे पकड़ लिया, जिससे स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई।

बाबा जसदीप सिंह वही निहंग नेता हैं, जो उत्तराखंड में चार गिरफ्तार निहंगों की रिहाई की मांग को लेकर लगातार सक्रिय रहे थे और देहरादून कूच के दौरान भी प्रमुख रूप से मौजूद थे। घटना में उन्हें कोई चोट नहीं आई।

स्वागत समारोह के बीच मचा हंगामा
जानकारी के अनुसार, कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार चारों निहंग सिंह शनिवार को अदालत से जमानत मिलने के बाद पंजाब पहुंचे थे। उनकी वापसी पर मोहाली के गुरुद्वारा सिंह शहीदां, सोहाना में स्वागत समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान संगत की ओर से जयकारे लगाए जा रहे थे और निहंग सिंहों को सिरोपा भेंट किए जा रहे थे।

इसी दौरान भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति अचानक आगे बढ़ा और बाबा जसदीप सिंह के साथ हाथापाई का प्रयास किया। वहां मौजूद निहंगों और समर्थकों ने तुरंत उसे काबू कर लिया। इस दौरान आरोपी की पिटाई भी हुई और उसके कपड़े फट गए। बाद में मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति को संभाला।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई घटना की वजह
घटना के संबंध में मौजूद निहंगों का कहना है कि उनके दो साथी, जशनप्रीत सिंह और अजय सिंह, उत्तराखंड से लौटकर गुरुद्वारे की ओर आ रहे थे। आरोप है कि रास्ते में एक व्यक्ति ने उनसे अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उनकी कृपाण छीनने की कोशिश की। निहंगों का दावा है कि उस व्यक्ति ने अपने कुछ साथियों को भी बुला लिया और कहा कि वे लोग रोज आकर माहौल खराब करते हैं। इसके बाद दोनों पक्ष गुरुद्वारे पहुंचे, जहां विवाद बढ़ गया।

16 जून से शुरू हुआ था पूरा मामला
पूरा विवाद 16 जून को उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में शुरू हुआ था, जब निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच मारपीट हुई थी। इस मामले में चार निहंग सिंहों को गिरफ्तार किया गया था।

बाद में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हस्तक्षेप के बाद समाधान की दिशा में बातचीत हुई। उनके निर्देश पर राजनीतिक सलाहकार तरुण भंडारी ने उत्तराखंड सरकार से संपर्क किया। इसके बाद शनिवार को गिरफ्तार चारों निहंगों को अदालत से जमानत मिल गई और वे पंजाब लौट गए।

घटना के बाद बाबा जसदीप सिंह ने कहा कि बदमाश हर जगह होते हैं और उन्हें यह नहीं पता कि हमला करने की कोशिश करने वाले लोग कौन थे। उन्होंने कहा कि कोई उन्हें निशाना नहीं बना सकता, क्योंकि अकाल पुरख उनके साथ हैं। उन्होंने पूरे सिख पंथ का आभार जताते हुए कहा कि यह मोर्चा संगत के सहयोग से जीता गया है।

वहीं, मोहाली सिटी-2 के डीएसपी हरसिमरत सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही सोहाना थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। फिलहाल हालात पूरी तरह शांतिपूर्ण हैं और पुलिस गुरुद्वारा प्रबंधन के लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। यदि शिकायत प्राप्त होती है तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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