
Amit Bhatt, Dehradun: मसूरी के एक होमस्टे में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी पति सोमयाजुला श्रीचरण को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। देहरादून की सत्र अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामले की विवेचना अभी जारी है और इस स्तर पर अग्रिम जमानत देने से जांच प्रभावित होने तथा आरोपी के फरार होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सत्र न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
पत्नी की संदिग्ध मौत के मामले में दर्ज है मुकदमा
यह मामला मसूरी थाना क्षेत्र में दर्ज उस मुकदमे से जुड़ा है, जिसमें नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसके पति के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी सोमयाजुला श्रीचरण ने सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी।
बचाव पक्ष की ओर से अदालत में कहा गया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। वकील ने दलील दी कि घटना के तुरंत बाद श्रीचरण ने स्वयं दोनों परिवारों को इसकी सूचना दी थी। पोस्टमार्टम में मृतका के शरीर पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क रखा कि महिला की मौत हृदयाघात, ब्रेन हेमरेज या अन्य किसी प्राकृतिक कारण से भी हो सकती है।
अभियोजन ने प्रताड़ना और संदेह का आरोप लगाया
सरकारी पक्ष ने अदालत के सामने दावा किया कि शादी के बाद से आरोपी अपनी पत्नी के साथ अक्सर छोटी-छोटी बातों पर विवाद करता था। वह पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था और बार-बार वीडियो कॉल कर उसकी गतिविधियों की जानकारी लेता था। अभियोजन के अनुसार आरोपी पैसों और संपत्ति को लेकर भी मृतका पर दबाव बनाता था।
सरकारी वकील ने यह भी बताया कि मृतका ने अपने परिजनों को ऋषिकेश और हरिद्वार जाने की जानकारी दी थी, लेकिन मसूरी जाने के बारे में किसी को नहीं बताया था। इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
कोर्ट बोला, जांच पूरी होने से पहले राहत नहीं
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी स्वयं स्वीकार कर चुका है कि घटना वाली रात वह मृतका के साथ मसूरी के होटल/होमस्टे में मौजूद था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अभी तक मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है और मामले की जांच जारी है।
कोर्ट ने माना कि वर्तमान परिस्थितियों में अग्रिम जमानत देने के पर्याप्त आधार नहीं हैं। साथ ही यह आशंका भी व्यक्त की कि आरोपी को इस स्तर पर राहत मिलने से विवेचना प्रभावित हो सकती है और उसके फरार होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इन्हीं कारणों से अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
यह थी घटना की टाइमलाइन
-13 जून 2026: दंपति दिल्ली से उत्तराखंड पहुंचे और ऋषिकेश में रुके।
-14 जून की रात: दोनों मसूरी-धनोल्टी रोड स्थित कियाना (Kiyana) होमस्टे पहुंचे और रात करीब 11:30 बजे चेक-इन किया।
-पति के अनुसार दोनों ने रात में शराब पी और करीब 3:30 बजे सोने चले गए।
-रात 1:36 बजे दंपति ने मसूरी से एक सेल्फी मृतका के पिता को भेजी थी।
-15 जून की सुबह करीब 7-8 बजे पति ने पत्नी को कमरे में अचेत अवस्था में पाया और होमस्टे स्टाफ व पुलिस को सूचना दी।
कमरे से क्या मिला
पुलिस की प्रारंभिक जांच में कमरे से दो खाली शराब की बोतलें, ग्लास, खाने का सामान, कुछ दवाइयों के पत्ते, जिन्हें यौन वर्धक बताया गया था, मिले। बेडशीट पर खून के धब्बे मिले। मृतका फर्श पर बिना कपड़ों के मिली और उसकी नाक से खून बह रहा था। सभी नमूने फोरेंसिक जांच के लिए जब्त किए गए।
पोस्टमार्टम में क्या सामने आया
-शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं मिली।
-मौत का कारण तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका।
-डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रखकर टॉक्सिकोलॉजी जांच के लिए भेजा।
बाद में जांच में क्या आरोप सामने आए
मृतका के परिजनों और दोस्तों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया। शिकायत में आरोप लगाए गए कि पति पत्नी के चरित्र पर शक करता था। बार-बार वीडियो कॉल कर निगरानी रखता था। कथित तौर पर GPS ट्रैकर से उसकी लोकेशन पर नजर रखता था और पैसों, संपत्ति को लेकर दबाव बनाता था। इसके अलावा मसूरी की बुकिंग परिवार से छिपाकर की गई थी और मृतका ने घरवालों को केवल ऋषिकेश-हरिद्वार जाने की जानकारी दी थी।



