1109 करोड़ के बैंक घोटाले में उत्तराखंड में सीबीआई का छापा, मचा रहा हड़कंप
उत्तराखंड समेत 4 राज्यों में एक साथ कि गई छापेमारी, केनरा बैंक से जुड़ा है मामला

Rajkumar Dhiman, Dehradun: देश के बड़े बैंकिंग धोखाधड़ी मामलों में शामिल 1109 करोड़ रुपये के केनरा बैंक घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के तहत उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर स्थित एक विनिर्माण इकाई में भी सीबीआई की टीम ने घंटों तक गहन जांच की और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए।
जांच एजेंसी के मुताबिक, यह मामला ओडिशा की कंपनी एम/एस गुप्ता पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से जुड़ा है। आरोप है कि कंपनी ने कैनरा बैंक से फंड आधारित और गैर-फंड आधारित विभिन्न ऋण सुविधाओं का लाभ उठाकर करीब 1109 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।
ऐसे रचा गया करोड़ों का खेल
सीबीआई की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कंपनी ने कथित तौर पर स्टॉक का मूल्य वास्तविक से अधिक दिखाया, व्यापारिक देनदारियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और वित्तीय दस्तावेजों में हेरफेर कर बैंक से अपेक्षा से अधिक ऋण हासिल किया। जांच में यह भी आरोप है कि ऋण स्वीकृत होने के बाद धनराशि का दुरुपयोग और डायवर्जन किया गया, जिससे कैनरा बैंक को करीब 1109 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ।
चार राज्यों में एक साथ CBI की कार्रवाई
सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश (CBI), भुवनेश्वर द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर कुल छह स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान उत्तराखंड के काशीपुर स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में रिकॉर्ड खंगाले गए और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए। सीबीआई की टीम के पहुंचते ही फैक्ट्री परिसर में हलचल मच गई।
इसके अलावा भुवनेश्वर में कंपनी के निदेशकों के आवास, कोलकाता स्थित पंजीकृत कार्यालय तथा ओडिशा और तमिलनाडु की उत्पादन इकाइयों की भी तलाशी ली गई।
अहम दस्तावेज बरामद, जांच जारी
सीबीआई का कहना है कि छापेमारी के दौरान विभिन्न स्थानों से कई महत्वपूर्ण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं। इन दस्तावेजों की जांच के आधार पर पूरे वित्तीय लेनदेन और कथित धोखाधड़ी की परतें खोली जा रही हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



