धामी के अभी दूध के दांत भी नहीं टूटे’, पूर्व भाजपा विधायक का बयान वायरल
पूर्व भाजपा विधायक संजय गुप्ता ने कहा, बूढ़े कर रहे हैं साजिश

Rajjumar Dhima, Dehradun: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लेकर भाजपा के पूर्व विधायक संजय गुप्ता का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हरिद्वार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने धामी के राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा दावा किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “अभी तो पुष्कर सिंह धामी जी के दूध के दांत भी नहीं टूटे हैं। उनका राजनीतिक भविष्य बहुत लंबा है। वे पांच-छह कार्यकाल तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहेंगे।”
संजय गुप्ता का यह बयान मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उनके भरोसे और पार्टी के भीतर उनकी बढ़ती राजनीतिक स्वीकार्यता के संदर्भ में देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
वरिष्ठ नेताओं पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान पूर्व विधायक ने पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं पर भी बिना नाम लिए कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि “कुछ बूढ़े षड्यंत्र रचने में लगे हैं, लेकिन उनके मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।” हालांकि उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन इस टिप्पणी के बाद भाजपा के भीतर संभावित गुटबाजी और अंदरूनी समीकरणों को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है।
धामी के नेतृत्व पर जताया भरोसा
संजय गुप्ता ने अपने पूरे संबोधन में मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व की खुलकर सराहना की। उन्होंने संकेत दिया कि धामी का राजनीतिक सफर अभी शुरुआती दौर में है और आने वाले वर्षों में उनका प्रभाव और मजबूत होगा। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री लंबे समय तक उत्तराखंड की राजनीति में केंद्रीय भूमिका निभाते रहेंगे।
राजनीतिक मायनों में भी अहम माना जा रहा बयान
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद उपचुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया है। पिछले कुछ वर्षों में पार्टी के भीतर उनकी पकड़ भी मजबूत हुई है। ऐसे में संजय गुप्ता का बयान सिर्फ व्यक्तिगत प्रशंसा नहीं, बल्कि भाजपा के अंदर उभरते राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।
भाजपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
पूर्व विधायक के वायरल बयान पर फिलहाल भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस जारी है। विपक्ष इस बयान को भाजपा की अंदरूनी राजनीति से जोड़कर देख रहा है, जबकि धामी समर्थक इसे मुख्यमंत्री के नेतृत्व और भविष्य पर व्यक्त किए गए विश्वास का प्रतीक बता रहे हैं।



