मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य पद से हटाने पर भेजा इस्तीफा, वरिष्ठता क्रम को दरकिनार करने का आरोप
रुद्रपुर में प्राचार्य पद पर नई नियुक्ति से गहराया विवाद, डा ऊषा रावत के कदम ने मचाई खलबली

Rajkumar Dhiman, Dehradun: पंडित राम सुमेर शुक्ला स्मृति राजकीय मेडिकल कॉलेज, रुद्रपुर में प्राचार्य पद पर नई नियुक्ति के बाद विवाद गहरा गया है। अब तक कार्यवाहक प्राचार्य की जिम्मेदारी संभाल रहीं वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. ऊषा रावत ने शासन की स्थानांतरण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए सचिव स्वास्थ्य को विस्तृत पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने प्राचार्य पद से इस्तीफा देने की घोषणा भी की है। उनके इस कदम से मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है।
फरवरी 2026 में प्रो. डॉ. ऊषा रावत को राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर का कार्यवाहक प्राचार्य बनाया गया था। तब से वह कॉलेज का प्रशासनिक दायित्व संभाल रही थीं। इसी बीच शासन ने हाल ही में विभिन्न राजकीय मेडिकल कॉलेजों में बड़े पैमाने पर प्राचार्यों के तबादले और नई नियुक्तियां कीं। इस आदेश के तहत राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा के प्राचार्य प्रो. डॉ. चंद्रप्रकाश भैंसोड़ा (सीपी भैंसोड़ा) को रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का नया प्राचार्य नियुक्त किया गया, जबकि प्रो. ऊषा रावत को कॉलेज में ही स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग का विभागाध्यक्ष (एचओडी) बना दिया गया।
नई नियुक्ति के बाद प्रो. ऊषा रावत ने शासन के फैसले पर आपत्ति जताई है। उन्होंने सचिव स्वास्थ्य को भेजे पत्र में आरोप लगाया कि प्राचार्य पद पर नियुक्ति में वरिष्ठता के सिद्धांत की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि उनसे जूनियर अधिकारी को प्राचार्य बनाया गया, जबकि वरिष्ठता के आधार पर इस पद पर उनका दावा अधिक मजबूत था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वह लंबे समय से हरिद्वार अथवा देहरादून स्थानांतरण की मांग कर रही थीं, लेकिन उस पर भी कोई निर्णय नहीं लिया गया।
अपने पत्र के माध्यम से उन्होंने शासन के समक्ष विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि प्रशासनिक निर्णय वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभव और सेवा अवधि को ध्यान में रखकर होने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने नियमानुसार पर्वतीय क्षेत्र में छह वर्ष की सेवा पूरी की है, जबकि कुछ अधिकारियों ने पहाड़ में एक माह की सेवा भी नहीं की है। ऐसे में वरिष्ठता और निर्धारित नियमों की अनदेखी होना उचित नहीं है।
विवाद के बीच नए प्राचार्य ने संभाला कार्यभार
दूसरी ओर, शासन के आदेश के बाद प्रो. डॉ. चंद्रप्रकाश भैंसोड़ा ने राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर के नए प्राचार्य के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। वह इससे पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा के प्राचार्य थे। वहीं, शासन ने प्रो. डॉ. ऊषा रावत को रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में ही स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग का विभागाध्यक्ष नियुक्त किया है।
प्राचार्य पद को लेकर सामने आए इस विवाद के बाद मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक माहौल पर सभी की निगाहें टिक गई हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सचिव स्वास्थ्य स्तर पर प्रो. ऊषा रावत के पत्र और उनके द्वारा उठाए गए वरिष्ठता संबंधी सवालों पर शासन क्या रुख अपनाता है।



