
Amit Bhatt, Dehradun: फाइव स्टार होटलों की चमक-दमक के बीच मेहमानों की थाली तक पहुंचने वाले भोजन की गुणवत्ता अब खाद्य सुरक्षा विभाग की सीधी निगरानी में है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडे के निर्देश पर विभाग की टीम ने देहरादून-मसूरी रोड स्थित प्रमुख होटलों में विशेष जांच अभियान चलाया। टीम ने ताज होटल, फेयरफील्ड, जे डब्ल्यू मैरियट, हयात सेंट्रिक और हयात रीजेंसी समेत अन्य प्रतिष्ठानों की रसोई और भंडार गृह खंगाले। जांच का फोकस केवल सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि होटल में इस्तेमाल हो रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भंडारण और रखरखाव की भी पड़ताल की गई।
रसोई से स्टोर तक हर स्तर पर निगरानी
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने होटलों में कच्चे माल से लेकर पैकेज्ड खाद्य सामग्री तक की जांच की। खाद्य पदार्थ किस स्थिति में रखे जा रहे हैं, उनका रखरखाव कैसे हो रहा है और रसोई में स्वच्छता के मानकों का कितना पालन किया जा रहा है, इसे भी देखा गया। अधिकारियों ने होटल प्रबंधन को खाद्य सामग्री की खरीद और इस्तेमाल के दौरान जरूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए। अभियान के दौरान एनालॉग पनीर और गैर-दुग्ध उत्पादों के नाम पर होने वाली अनियमितता व मिलावट पर भी विशेष निगरानी रखी गई। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि होटलों में इस्तेमाल होने वाली हर खाद्य सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।
हयात से मसाले, मैरियट से तैयार दाल का नमूना
जांच के दौरान हयात रीजेंसी से मसालों और जे डब्ल्यू मैरियट से तैयार दाल के नमूने लिए गए। दोनों नमूनों को प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। अब इनकी रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। जांच में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
गुलकंद, इंपोर्टेड आर्गेनो और सौंफ पर भी नोटिस
हयात रीजेंसी के स्टोर में रखे गुलकंद, इंपोर्टेड आर्गेनो और सौंफ के पैक्ड उत्पाद भी विभाग की जांच के दायरे में आए। इन उत्पादों को लेकर संबंधित निर्माताओं से जरूरी दस्तावेज और उत्पादों की गुणवत्ता से जुड़ी जानकारी मांगी गई है। विभाग दस्तावेजों के माध्यम से यह भी जांच रहा है कि संबंधित उत्पादों की खरीद, आपूर्ति और गुणवत्ता संबंधी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गई हैं या नहीं।
‘फाइव स्टार होटल हो या छोटी दुकान, नियम सबके लिए समान’
आयुक्त विनय शंकर पांडे ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा के नियम प्रतिष्ठान की हैसियत या आकार देखकर नहीं बदलते। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। फाइव स्टार होटल हो या सामान्य खाद्य प्रतिष्ठान, सभी को खाद्य सुरक्षा के निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। एनालॉग पनीर, गैर-दुग्ध उत्पाद या किसी भी प्रकार की मिलावटी और गैर-मानक खाद्य सामग्री के इस्तेमाल या बिक्री की शिकायत मिलने पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी, मिठाई की दुकानों और अन्य खाद्य कारोबारियों की नियमित तथा औचक जांच जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अब पूरे जिले में बढ़ेगा जांच का दायरा
अपर आयुक्त ताजबर सिंह ने बताया कि यह अभियान कुछ चुनिंदा होटलों तक सीमित नहीं रहेगा। देहरादून समेत पूरे जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों की औचक जांच, नमूना संग्रहण और प्रयोगशाला परीक्षण की कार्रवाई जारी रखी जाएगी। लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट और मौके पर सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
जांच अभियान में उपायुक्त गढ़वाल मंडल राजेंद्र रावत, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा देहरादून मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम क्षेत्र रमेश सिंह और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ऋषिकेश संतोष कुमार सिंह समेत विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
फाइव स्टार होटल की रसोई में होने वाली छोटी सी चूक भी सीधे सैकड़ों लोगों की थाली तक पहुंच सकती है। ऐसे में विभाग की यह कार्रवाई केवल नमूने लेने तक सीमित रहेगी या प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे कड़ी कार्रवाई होगी, इस पर अब निगाह रहेगी।



