उत्तराखंड में लॉ कॉलेज की बिल्डिंग भरभराकर गिरी, मलबे में दबा पीएसी का जवान
रुड़की में अमृत लॉ कॉलेज की दूसरी मंजिल का लेंटर गिरने से हुआ हादसा, जवान गंभीर

Rajkumar Dhiman, Dehradun: रुड़की के धनोरी स्थित अमृत लॉ कॉलेज परिसर में सोमवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। पिरान कलियर मेले की ड्यूटी के लिए कॉलेज परिसर में ठहरी पीएसी प्लाटून का जवान आदिल टॉयलेट जाने के लिए दूसरी मंजिल पर गया था। इसी दौरान बाथरूम की ओर बने भवन का लेंटर अचानक भरभराकर गिर गया। लेंटर के साथ दीवारें भी ढह गईं और जवान मलबे में दब गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
बताया गया कि सोमवार दोपहर करीब एक बजे पीएसी के जवान अपनी-अपनी ड्यूटी पर गए हुए थे। इसी दौरान आदिल दूसरी मंजिल पर बने बाथरूम की ओर गया। वह वहां पहुंचा ही था कि अचानक भवन का एक हिस्सा गिर पड़ा। लेंटर और दीवारों का मलबा सीधे जवान के ऊपर आ गिरा। घटना की जानकारी मिलते ही पिरान कलियर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।
कोतवाल कमल मोहन भंडारी के नेतृत्व में रेस्क्यू शुरू
कलियर कोतवाल कमल मोहन भंडारी पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय लोगों और पीएसी के जवानों की मदद से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया गया। जवान के मलबे में दबे होने की आशंका के चलते शुरुआत में हाथों से मलबा हटाकर तलाश की गई। जब इससे सफलता नहीं मिली तो मौके पर जेसीबी मशीन मंगाई गई।
रेस्क्यू अभियान के दौरान एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस, एसडीआरएफ, पीएसी जवानों और स्थानीय लोगों ने मिलकर सावधानी से मलबा हटाया। काफी मशक्कत के बाद जवान आदिल को मलबे से बाहर निकाल लिया गया। उस समय उसकी सांसें चल रही थीं, लेकिन उसकी हालत गंभीर थी।
भूमानंद अस्पताल से एम्स ऋषिकेश रेफर
मलबे से निकालने के तुरंत बाद घायल जवान को उपचार के लिए भूमानंद अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया। फिलहाल जवान का एम्स ऋषिकेश में उपचार चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
1980 के दशक में बनी बताई जा रही है बिल्डिंग
अमृत लॉ कॉलेज एक निजी लॉ कॉलेज है। पिरान कलियर मेले के मद्देनजर पीएसी की एक प्लाटून को कॉलेज परिसर में ठहराया गया था। जिस हिस्से में हादसा हुआ, वह भवन काफी पुराना बताया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह बिल्डिंग 1980 के दशक में बनी थी।
हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। भवन का हिस्सा अचानक क्यों गिरा, इसकी जांच की जा रही है। भवन की उम्र और उसकी मौजूदा स्थिति भी जांच के दायरे में है। अधिकारियों की जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।



