Uttarakhandआपदा प्रबंधन

उत्तरकाशी में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य, मुख्यमंत्री धामी ग्राउंड जीरो पर डटे

हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, लापता की तलाश भी तेज, पल पल लिया जा रहा अपडेट

Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड में धराली क्षेत्र में आए भयंकर आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में उत्तरकाशी में आज 3 दिन से लगातार राहत कार्य जारी हैं, जहां वे स्वयं ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहकर प्रभावितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने आपदा के बीच स्थानीय लोगों का हौसला बढ़ाया और राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को लगातार निर्देश दिए।

राहत और बचाव कार्य में हेलीकॉप्टरों की तैनाती

युकाड़ा के हेलीकॉप्टरों द्वारा फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। शुक्रवार सुबह से ही हेलीकॉप्टरों ने राहत सामग्री, उपकरणों और 39 लोगों को हर्षिल से मातली तक सुरक्षित पहुंचाया। साथ ही, हर्षिल से 67 लोगों को मातली लाया गया।

इसके अलावा, राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र और अन्य सरकारी एजेंसियों के द्वारा सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ मिलकर राहत कार्य में गति प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री के निरंतर मार्गदर्शन से कार्यों में गति

मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी में तीन दिन से कैम्प कर राहत कार्यों की लगातार निगरानी की है। इसके साथ ही, वे प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित निर्णय लेने के लिए प्रशासन और राहत टीमों के साथ मिलकर कदम उठा रहे हैं।

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री रमेश कुमार सुधांशु, सचिव गृह श्री शैलेश बगौली तथा सचिव आपदा प्रबंधन श्री विनोद कुमार सुमन की देखरेख में समन्वयपूर्ण राहत कार्य किया जा रहा है।

मशीनों और संसाधनों की तैनाती

राहत कार्यों में भारी उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है, जिनमें जेसीबी, डोजर, एस्कवेटर और टिप्पर शामिल हैं। साथ ही, अस्पतालों में घायलों के इलाज के लिए डॉक्टरों और मेडिकल टीमों को भी भेजा गया है। 294 बेड्स और 65 आईसीयू बेड्स की व्यवस्था की गई है। अब तक 14 घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

भारी संख्या में राहत सामग्री की आपूर्ति

राहत कार्यों के तहत 2500 खाने के पैकेट और ड्राई राशन नियमित रूप से प्रभावित क्षेत्रों में भेजे जा रहे हैं। साथ ही, चिन्याली सौड से चिनूक हेलीकॉप्टर द्वारा 125 केवीए जेन सेट को हर्षिल भेजा गया है, जो वहां के जनरेटर की जरूरत को पूरा करेगा।

लापता व्यक्तियों की खोज

लापता व्यक्तियों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जिनमें 9 सेना के और 7 सिविल लोग शामिल हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, और प्रभावित क्षेत्रों में लापता व्यक्तियों की खोज के लिए भी अतिरिक्त टीमों को तैनात किया गया है।

स्थानीय प्रशासन की सतर्कता

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी श्री प्रशांत आर्य और पुलिस अधीक्षक श्रीमती सरिता डोभाल द्वारा लगातार हर्षिल में कैम्प कर राहत कार्यों का संचालन किया जा रहा है। साथ ही, राहत और बचाव टीमों के समन्वय में किसी भी तरह की अड़चनों को दूर किया जा रहा है।

संचार एवं कनेक्टिविटी बहाल करने की दिशा में ठोस कदम

सचिव गृह श्री शैलेश बगौली ने कहा कि फिलहाल प्राथमिक ध्यान लापता लोगों की तलाश और प्रभावित क्षेत्रों में संचार, विद्युत और सड़क कनेक्टिविटी को बहाल करने पर केंद्रित है। मौसम ने साथ दिया तो बड़े उपकरणों को वायु सेना के चिनूक और एमआई-17 हेलीकॉप्टरों से धराली में एयरड्रॉप किया जाएगा।

निरंतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई की रणनीति

विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर राहत कार्यों को तेज किया जा रहा है। यूकाडा द्वारा हेलीकॉप्टर ऑपरेशन को हर घंटे की अपडेट के साथ संचालित किया जा रहा है, और सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ के समन्वय में राहत कार्यों में कोई रुकावट नहीं आने दी जा रही है।

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