
Amit Bhatt, Dehradun: देहरादून के कैंट क्षेत्र स्थित किशन नगर एक्सटेंशन में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक प्ले ग्रुप स्कूल परिसर के पीछे कथित तौर पर चल रहे सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ। स्थानीय लोगों की शिकायत और मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधियों के विरोध के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो दलाल युवकों को गिरफ्तार किया, जबकि तीन युवतियों को पीड़ित मानते हुए वहां से मुक्त कराया गया। जिन कमरों में सेक्स रैकेट चल रहा था, वहां से लड़कियों की रेट लिस्ट/हिसाब नोटबुक मिली। इस पूरे प्रकरण का सबसे गंभीर पहलू यह है कि एक युवती के एचआईवी संक्रमित होने का अंदेशा है।
पुलिस के अनुसार, सेक्स रैकेट स्कूल परिसर के पिछले हिस्से में किराये के कमरों में चलाया जा रहा था। मौके से आपत्तिजनक सामग्री, शराब की बोतलें, दवाइयां, कंडोम, कुछ डिजिटल स्टोरेज डिवाइस और लेन-देन से जुड़ी एक डायरी भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
क्षेत्रवासियों की शिकायत के बाद खुला मामला
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों से रात के समय संदिग्ध लोगों की आवाजाही देखी जा रही थी। शुरुआत में किसी को शक नहीं हुआ, क्योंकि सामने के हिस्से में प्ले ग्रुप स्कूल संचालित किया जा रहा था। बाद में गतिविधियां बढ़ने पर क्षेत्रवासियों ने विरोध जताया और शिकायत संबंधित जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई।
मामले की जानकारी फैलते ही इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई। कुछ संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मौके पर प्रदर्शन भी किया, जिसके बाद पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को स्थिति संभालनी पड़ी।
राजस्थान के दो युवक हिरासत में, पूछताछ जारी
पुलिस ने मौके से राजस्थान निवासी दो युवकों आशीष पांडे (42 वर्ष) और जंग बहादुर (50 वर्ष) को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों पर अनैतिक गतिविधियों के संचालन में शामिल होने का संदेह जताया गया है। कैंट थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
जांच में सामने आया कि वहां मिली युवतियां मेरठ, मुजफ्फरनगर और दिल्ली क्षेत्र से आई थीं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आर्थिक तंगी और नौकरी के झांसे में उन्हें देहरादून लाया गया था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
डिजिटल सामग्री और डायरी से खुल सकते हैं बड़े राज
तलाशी के दौरान मिले मेमोरी कार्ड, पेन ड्राइव और हिसाब-किताब वाली डायरी को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। आशंका जताई जा रही है कि इनमें ग्राहकों, पैसों के लेन-देन और संपर्कों से जुड़ी अहम जानकारी हो सकती है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
एचआईवी संक्रमण के दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं
सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई कि एक युवती के बैग से एचआईवी के इलाज से जुड़ा एक मेडिकल दस्तावेज मिला है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां फिलहाल पूरे मामले की सत्यता की जांच में जुटी हैं।
इलाके में चर्चा का विषय बना मामला
स्कूल जैसे परिसर में कथित तौर पर देह व्यापार संचालित होने की खबर सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोग अब पूरे मामले की गहराई से जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।



