राजधानी दून की सड़कों पर ये क्या चल रहा है, मुख्यमंत्री धामी हुए नाराज
सड़कों की बार-बार खुदाई पर एतराज, विभागों को तालमेल से काम करने के निर्देश

Rajkumar Dhiman, Dehradun: राजधानी में विकास कार्यों के नाम पर सड़कों को बार-बार खोदे जाने की प्रवृत्ति पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ी नाराज़गी जताई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक विभाग द्वारा सड़क खोदने के बाद दूसरे विभाग का जागना स्वीकार्य नहीं है। विकास कार्यों में विभागीय समन्वय की कमी से जनता को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है, जिसे अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गुरुवार को राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय के मंथन सभागार में मुख्यमंत्री ने देहरादून जनपद के विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर एक साथ योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें, ताकि सड़कें बार-बार न खोदी जाएं और संसाधनों की बर्बादी रोकी जा सके।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देशित किया कि पूरे वर्ष में प्रस्तावित विकास कार्यों की अग्रिम सूची तैयार कर ठोस कार्ययोजना के आधार पर ही अनुमति प्रदान की जाए। इसके साथ ही आंतरिक सड़कों के रखरखाव और मरम्मत को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया।
फर्जी दस्तावेजों पर सख्ती, अतिक्रमण पर लगातार कार्रवाई के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर, बिजली बिल समेत अन्य महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों के नियमित सत्यापन के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि गलत तरीके से बनाए गए दस्तावेज तत्काल निरस्त किए जाएं और फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए जिला प्रशासन, वन विभाग, एमडीडीए और नगर निगम को अभियान लगातार जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
नवाचार और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर हों योजनाएं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नियमित विकास कार्यों के साथ-साथ नवाचार आधारित योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क और कॉरिडोर विस्तार से देहरादून की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे पर्यटन और आमजन की आवाजाही को बढ़ावा मिलेगा। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जनप्रतिनिधियों से परामर्श कर योजनाओं को आगे बढ़ाया जाए।
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जन समस्याओं का समाधान मौके पर ही सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय से पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
शीतकाल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता बरतने, नगर निगम के रैन बसेरों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा प्रमुख चौराहों पर अलाव की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
यातायात सुधार और कानून-व्यवस्था पर विशेष जोर
कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस को यातायात व्यवस्था सुचारु रखने, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और नशा मुक्ति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रमों के साथ रैंडम चेकिंग तेज करने के निर्देश दिए।
बैठक में जनपद प्रभारी एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सभी विभाग प्राथमिकताओं का निर्धारण कर आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि योजनाएं समय पर पूरी हों। उन्होंने साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता भी जताई।
यूसीसी के तहत 61 हजार पंजीकरण, 47 हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण मुक्त
जिलाधिकारी सविन बंसल ने मुख्यमंत्री को जनपद में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता के अंतर्गत जिले में अब तक 61 हजार पंजीकरण किए जा चुके हैं। सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त 7,662 शिकायतों में से 6,480 का निस्तारण किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि सत्यापन अभियान के दौरान हजारों अपात्र राशन और आयुष्मान कार्ड निरस्त किए गए हैं। जिले में कुल 57 हेक्टेयर अतिक्रमित भूमि में से 47 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। जिलाधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि लोक निर्माण विभाग के प्रमुख प्रोजेक्ट—रिस्पना और बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर, पांवटा साहिब-बल्लूपुर फ्लाईओवर तथा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली चार लेन ग्रीनफील्ड सड़क—तेजी से प्रगति पर हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
बैठक में राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



