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किआ शोरूम मालिक पर मुकदमा, शिकायतकर्ता ठेकेदार पर भी गंभीर आरोप

मुकदमे के बाद कारोबारी पंकजवीर भान बोले, ठेकेदार है असली आरोपी और हम पीड़ित

Amit Bhatt, Dehradun: देहरादून में निर्माण कार्य से जुड़े लेनदेन के विवाद ने अब गंभीर आपराधिक मोड़ ले लिया है। राजपुर क्षेत्र के एक ठेकेदार ने शहर के चर्चित कारोबारी और उनके सहयोगियों पर लाखों रुपये का भुगतान रोकने, मेहनत से खरीदा गया शटरिंग कीमती सामान चोरी से बेचने और परिवार सहित जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में पीड़ित ने क्षेत्राधिकारी सदर को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने और सुरक्षा की गुहार लगाई है। इस मामले में पुलिस ने कारोबारी पंकजवीर भान और उनके मित्र विपिन शर्मा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, कारोबारी पंकजवीर भान ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ठेकेदार अश्वनी त्यागी खुद गलत व्यक्ति है और उसने साइट पर बहुत घटिया काम किया। जिससे भारी नुकसान हुआ। शटरिंग के समान की खरीद भी उन्होंने ही कि थी। कई अन्य बड़े कारोबारियों के कार्यों में भी इस ठेकेदार के विरुद्ध शिकायतों का अंबार है। जल्द ही वह अश्वनी त्यागी को उचित माध्यम से जवाब देंगे और कार्रवाई भी करवाएंगे। ताकि असल सच्चाई सामने आ सके।

राजपुर निवासी अश्विनी त्यागी ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह निर्माण कार्यों में ठेकेदार के रूप में काम करता है। उसके अनुसार अप्रैल 2023 से उसने कारोबारी पंकजवीर भान (किआ शोरूम के संचालक) के कारगी चौक स्थित व्यवसायिक भवन निर्माण कार्य का ठेका लिया था। तहरीर में कहा गया है कि निर्माण कार्य सामान्य हिस्से में 215 रुपये प्रति वर्ग फुट और बेसमेंट में 215/1.5 की दर से किया जा रहा था।

“7.63 लाख रुपये का भुगतान अब तक बकाया”
अश्विनी त्यागी का आरोप है कि निर्माण कार्य पूरा करने के बाद भी उसके मेहनताना का 7 लाख 63 हजार 872 रुपये का भुगतान रोक लिया गया। उसने कई बार बकाया राशि देने की मांग की, लेकिन हर बार उसे टाल दिया गया।

ठेकेदार अश्वनी त्यागी ने यह भी आरोप लगाया कि सिर्फ भुगतान ही नहीं रोका गया, बल्कि साइट पर रखा उसका शटरिंग का सामान भी उसकी जानकारी के बिना किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया। तहरीर के अनुसार इस सामान की कीमत करीब 22 लाख रुपये से अधिक है। ठेकेदार का कहना है कि यह सामान उसने वर्षों की मेहनत की कमाई से खरीदा था और उसके बिक जाने से उसे भारी आर्थिक आघात पहुंचा है।

अंग्रेजी में अपठित हस्ताक्षर कर भ्रमित करते रहे
तहरीर में कहा गया है कि जब भी उसने अपने बकाया भुगतान और सामान के बारे में पूछा, तब उसे लगातार भ्रमित किया गया। आरोप है कि दस्तावेजों में अंग्रेजी के अपठित हस्ताक्षर कर उसे गुमराह किया जाता रहा और बाद में साफ तौर पर भुगतान और सामान लौटाने से इनकार कर दिया गया।

मुख्य सचिव से संबंध बताकर धमकाया
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब ठेकेदार ने जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया। अश्विनी त्यागी ने तहरीर में कहा कि जब उसने लगातार तकादा शुरू किया तो पंकज वीरभान, उनके मित्र विपिन शर्मा और अन्य लोगों ने उसके साथ अभद्रता की।

तहरीर के मुताबिक आरोपियों ने कहा कि उनके संबंध उत्तराखंड के मुख्य सचिव और बड़े अधिकारियों से हैं। पीड़ित के अनुसार उसे धमकाते हुए कहा गया कि “तुम्हारा और तुम्हारे परिवार का पता भी नहीं चलेगा कि कहां गए, पैसे और सामान की बात छोड़ो, अपना ख्याल करो।”

परिवार दहशत में, पुलिस से सुरक्षा की मांग
पीड़ित ठेकेदार ने तहरीर में कहा है कि आरोपितों की मानसिक प्रवृत्ति “शातिर और खतरनाक” है, जिसके कारण वह और उसका परिवार भय के माहौल में जी रहे हैं। उसने पुलिस से मांग की है कि आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया जाए और उसका बकाया पैसा व सामान वापस दिलाया जाए। हालांकि, खुद कारोबारी पंकजवीर भान ने जो आरोप ठेकेदार पर लगाए हैं, उससे कहानी में दोनों एंगल शुरू हो गए हैं। माना जा रहा है कि कारोबारी जो साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराएंगे, वह जांच की दिशा भी बदल सकते हैं।

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