
Divij Bahuguna, Dehradun: हरिद्वार में बोर्ड परीक्षा को सेंध लगाने की साजिश सामने आई है। पुलिस ने मुख्य मास्टरमाइंड चंगेज़ अंसारी, निवासी ज्वालापुर, को गिरफ्तार कर लिया। यह वही शख्स है, जो खुद को अल मौरीद हाई स्कूल, ज्वालापुर का प्रिंसिपल बताकर लंबे समय से “द सक्सेज़ प्वॉइंट” नाम से ऑनलाइन कोचिंग ग्रुप चलाता था। तीन दिन पहले रानीपुर कोतवाली पुलिस ने अचानक छापेमारी में हिंदी का पेपर दे रही 07 फर्जी परीक्षार्थियों को रंगे हाथों पकड़ा था, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया था। उसी कार्रवाई के आधार पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेशचंद्र द्विवेदी की तहरीर पर मामला दर्ज हुआ।
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे परतें खुलती गईं। पुलिस ने पाया कि चंगेज़ अंसारी ने ट्यूशन के नाम पर एक छात्रा के परिजनों से मनचाही रकम झटकी। इसके बाद उसने दूसरी छात्रा की फोटो लगाकर फर्जी एडमिट कार्ड बनवाया और असली परीक्षार्थी की जगह प्रतिरूपण कराकर परीक्षा दिलवाई गई। जिसका मतलब यह था कि पैसा लेकर एक की जगह दूसरे को बैठाकर पूरी परीक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाया जा रहा था।
पुलिस ने चंगेज़ अंसारी को धोखाधड़ी, कूटरचना और सार्वजनिक परीक्षा में प्रतिरूपण जैसे गंभीर आरोपों में हिरासत में ले लिया है। वहीं, पूरे खेल में सावित्री शिक्षा सदन, रावली महदूद की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है और इसकी जांच को तेज़ कर दिया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह मामला केवल एक परीक्षा केंद्र तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे गिरोह का नेटवर्क सामने आ सकता है। फिलहाल, गिरफ्तारियों और पूछताछ से और भी खुलासों की उम्मीद है।



