
Rajkumar Dhiman, Dehradun: देहरादून के व्यस्त राजपुर रोड पर रफ्तार और लापरवाही के खतरनाक खेल ने एक बेगुनाह की जान छीन ली। तेज रफ्तार बाइक रेस में जुटे चार युवकों ने रैपिडो बाइक को ऐसी टक्कर मारी कि सवार अंकित पाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हुआ। सीसीटीवी फुटेज ने पूरे मामले की परतें खोलकर इसे महज “दुर्घटना” नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई घातक हरकत साबित कर दिया।
एसएसपी दून का सख्त संदेश: दूसरों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
घटना के बाद देहरादून एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि शहर की सड़कों पर स्टंट, रेस और रफ्तार का आतंक फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। पुलिस ने केस में तुरंत धारा बदलते हुए इसे गैर-इरादतन हत्या (105 BNS) में तरमीम किया और धारा 61(2) BNS भी बढ़ाई।
कैसे हुआ हादसा?, सीसीटीवी की पड़ताल में सामने आया सच
27 फरवरी की रात अकेता होटल, राजपुर रोड के पास रैपिडो बाइक संख्या UK-17 Z 5912 को 02 तेज गति से दौड़ती मोटरसाइकिलें (UK-07 FF 5824 और UK-07 FZ 4245) पीछे से जोरदार टक्कर मारती हुई दिखीं। टक्कर के बाद रैपीडो सवार दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े। इसी बीच पीछे से आ रही दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार युवक ने गिरे हुए व्यक्ति के ऊपर सीधे बाइक चढ़ा दी। यह दृश्य सीसीटीवी में साफ कैद हुआ। यही फुटेज पुलिस को दुर्घटना की धारा हटाकर गैर-इरादतन हत्या की धारा लगाने का निर्णायक आधार बना।
पूछताछ में टूटी अकड़, रेस का सच उगल दिया चारों ने
हिरासत में लिए गए दोनों मोटरसाइकिलों के चारों सवारों ने स्वीकार किया कि वे शहर की मुख्य सड़क पर रेस लगा रहे थे, और पीछे बैठे युवक लगातार चालकों को बाइक और तेज दौड़ाने के लिए उकसा रहे थे। अंधेरा, तेज रफ्तार और लापरवाही ने मिलकर यह घातक हादसा करा दिया।
चारों आरोपी दबोचे गए
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों को गिरफ्तार किया। जिनमें प्रांजल रमोला, उम्र 22, निवासी मल्ली, धरासू, चिन्यालीसौड़, उत्तरकाशी, अभिषेक बडोनी, उम्र 21, निवासी बड़ेथी, धरासू, उत्तरकाशी, लोकेंद्र उर्फ लोकेश, उम्र 22, निवासी माली, चिन्यालीसौड़, उत्तरकाशी, सुमित राठौड़ी, उम्र 22, निवासी ई-152, एमडीडीए कॉलोनी, केदारपुरम, देहरादून शामिल हैं।
मां की तहरीर बनी जांच का आधार
मृतक अंकित पाल की मां ऊषा पाल द्वारा दी गई तहरीर पर थाना डालनवाला में केस दर्ज किया गया था। जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि यह दुर्घटना नहीं, बल्कि तेज रफ्तार और जानबूझकर की गई लापरवाही का संगठित परिणाम था।



