उत्तराखंड के केके पंत हिमाचल में बने मुख्य सचिव, लंबा है प्रशासनिक अनुभव
मुख्य सचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली, पिछले मुख्य सचिव भी रिटायरमेंट से चंद रोज पहले हुए थे रेगुलर

Rajkumar Dhiman, Dehradun: हिमाचल प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कमलेश कुमार (केके) पंत को राज्य के मुख्य सचिव (चीफ सेक्रेटरी) का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। इस संबंध में कार्मिक विभाग की सचिव एम. सुधा देवी द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। 1993 बैच के आईएएस अधिकारी पंत वर्तमान में वन, गृह और सतर्कता (विजिलेंस) विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। कमलेश कुमार पंत मूल रूप से उत्तराखंड के निवासी हैं। हिमाचल प्रदेश की आईएएस वरिष्ठता सूची में संजय गुप्ता के बाद उनका स्थान था। गुप्ता की सेवानिवृत्ति के बाद अब पंत वरिष्ठता क्रम में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं। नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद सचिवालय में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें शुभकामनाएं देना शुरू कर दिया।
यह नियुक्ति पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता के सेवानिवृत्त होने के बाद की गई है। संजय गुप्ता 30 मई को रिटायर हुए थे। उनके सम्मान में शनिवार को सचिवालय में विदाई समारोह आयोजित किया गया था, जबकि शाम को होटल होली डे होम में डिनर कार्यक्रम भी रखा गया था। इसके बाद सरकार ने नए प्रशासनिक प्रमुख के नाम पर फैसला लिया।
प्रशासनिक अनुभव का लंबा सफर
केके पंत हिमाचल प्रदेश में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्य कर चुके हैं। वह कांगड़ा जिले के उपायुक्त (डीसी) भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने लंबे समय तक केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। राज्य सरकार के कई अहम विभागों में भी उनकी सेवाएं रही हैं।
नियमित नहीं, अतिरिक्त प्रभार के रूप में मिली जिम्मेदारी
राज्य सरकार ने उन्हें फिलहाल मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया है। इससे पहले संजय गुप्ता को भी अक्टूबर 2025 में कार्यवाहक मुख्य सचिव के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बाद में सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पहले उन्हें नियमित मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था।
प्रदेश में वर्तमान समय में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का पद भी कार्यवाहक व्यवस्था के तहत संचालित हो रहा है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष समय-समय पर सरकार की आलोचना करता रहा है। इसके बावजूद सरकार ने मुख्य सचिव पद पर भी अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था को जारी रखा है।
मुख्य सचिव पद के लिए इन अधिकारियों के नाम भी थे चर्चा में
मुख्य सचिव पद के संभावित दावेदारों में कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल थे। वरिष्ठता क्रम में पंत के बाद 1994 बैच की आईएएस अनुराधा ठाकुर दूसरे स्थान पर हैं। तीसरे स्थान पर 1994 बैच के आईएएस एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा, चौथे स्थान पर 1995 बैच के आईएएस भरत हरबंसलाल खेड़ा और पांचवें स्थान पर 1995 बैच के आईएएस एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम का नाम आता है। इन सभी अधिकारियों के नाम मुख्य सचिव पद के संभावित पैनल में शामिल बताए जाते रहे हैं। हालांकि अनुराधा ठाकुर और भरत हरबंसलाल खेड़ा वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं।
प्रशासनिक फेरबदल की संभावना
केके पंत को नई जिम्मेदारी मिलने के बाद राज्य में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। जिन विभागों का प्रभार अभी तक उनके पास है, उनमें से कुछ जिम्मेदारियां अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जा सकती हैं। वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम के भी निकट भविष्य में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की संभावना जताई जा रही है। पंत की नियुक्ति को राज्य प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े कई प्रशासनिक निर्णय सामने आ सकते हैं।



