उत्तराखंड में हर व्यक्ति कमा रहा औसतन 2.73 लाख, क्या पहाड़ की जेब भी भर रही?
उत्तराखंड आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े जारी, सभी तरह के कार्यों से राज्य में जीएसडीपी के रूप में 3.81 लाख करोड़ की आर्थिक गतिविधि

Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड की आर्थिक सेहत का लेखा-जोखा आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 के रूप में सामने है। राज्य सरकार के अनुसार अर्थव्यवस्था में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है। अब राज्य का हर व्यक्ति सालाना औसतन 2.73 लाख रुपये यानी 22 हजार 750 रुपये महीना कमा रहा है। क्या पहाड़ में भी हर व्यक्ति की जेब में इतना ही पैसा आ रहा है? फिलहाल यह अपने आप में बड़ा सवाल है कि इस औसत को बढ़ाने में कितने प्रतिशत व्यक्तियों का योगदान है और सुस्त आर्थिक गतिविधियों वाले पहाड़ी क्षेत्र कहां खड़े हैं। लिहाजा, इसे समग्रता से भी देखे जाने की आवश्यकता है।
इसका एक दूसरा पहलू यह भी है कि राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) 3,81,889 करोड़ तक पहुंच गया है। यह वर्ष 2021-22 में 2.54 लाख करोड़ रुपये था, यानी 03 वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। जिसका सीधा मतलब है कि विभिन्न तरह की आर्थिक गतिविधियों ने जोर पकड़ा है।
गुरुवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने आर्थिक सर्वेक्षण के प्रमुख आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष यह रिपोर्ट नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) के सहयोग से तैयार की गई है।
प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार राज्य में प्रति व्यक्ति आय में भी लगातार वृद्धि हुई है।
वर्ष 2021-22 में प्रति व्यक्ति आय ₹1,94,670 थी
जो 2024-25 में बढ़कर ₹2,73,921 हो गई है।
विकास दर और गरीबी में सुधार
राज्य की आर्थिक वृद्धि दर (Growth Rate) 2024-25 में 7.23 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं मल्टी डायमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स में भी सुधार हुआ है।
वर्ष 2021-22 में 9.7%
जो 2024-25 में घटकर 6.92% रह गया।
इसके साथ ही लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट भी बढ़ा है—
वर्ष 2021-22 में 60.1%
वर्ष 2024-25 में 64.4%
यह रोजगार के अवसरों में 4.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।
उद्योग और स्टार्टअप में तेज वृद्धि
राज्य में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) क्षेत्र में भी बड़ा विस्तार हुआ है।
वर्ष 2021-22 में MSME इकाइयों की संख्या 59,798 थी
जो 2024-25 में बढ़कर 79,394 हो गई है।
इन इकाइयों में रोजगार पाने वालों की संख्या भी बढ़ी है—
वर्ष 2022 में 3,43,922
वर्ष 2025 में 4,56,605
वहीं लार्ज इंडस्ट्री की संख्या
वर्ष 2021-22 में 107
जो 2024-25 में 128 हो गई है।
स्टार्टअप के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
वर्ष 2017 तक राज्य में एक भी स्टार्टअप नहीं था
वर्ष 2021-22 में 702
और 2025 में बढ़कर 1750 हो गए हैं।
सड़क, हेलीपोर्ट और हेलीपैड में विस्तार
राज्य में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी सुधार हुआ है।
सड़कों की कुल लंबाई 50,393 किमी से बढ़कर 51,278 किमी
हेलीपोर्ट 2 से बढ़कर 7
हेलीपैड 60 से बढ़कर 118 हो गए हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार
स्कूलों में ड्रॉपआउट दर में कमी दर्ज की गई है।
प्राइमरी स्तर पर 1.64% से घटकर 1.41%
सेकेंडरी स्तर पर 7.65% से घटकर 4.59%
इसके साथ ही-
डिग्री कॉलेजों की संख्या 124 से बढ़कर 139
इंजीनियरिंग कॉलेज 20 से बढ़कर 52 हो गए हैं।
ऊर्जा उत्पादन में बड़ा उछाल
राज्य में बिजली उत्पादन में भी बड़ी वृद्धि हुई है।
वर्ष 2021-22 में 5157 मिलियन यूनिट
जो 2024-25 में 16500 मिलियन यूनिट हो गया।
बिजली की खपत भी बढ़ी है—
वर्ष 2022 में 12518 मिलियन यूनिट
जो 2024-25 में 17192 मिलियन यूनिट हो गई।
सौर ऊर्जा उत्पादन भी तेजी से बढ़ा है।
वर्ष 2021-22 में 439 मेगावाट
जो 2025 में 1027 मेगावाट पहुंच गया।
स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार
स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है—
शिशु मृत्यु दर (IMR) 22 से घटकर 20
मातृ मृत्यु दर (MMR) 103 से घटकर 91
औसत आयु (Life Expectancy) 71.7 वर्ष से बढ़कर 73 वर्ष हो गई है।
कृषि और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि
राज्य में कृषि उत्पादन में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
धान-गेहूं उत्पादन 28.23 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 32.47 क्विंटल
औषधीय और सुगंधित पौधों का क्षेत्र 900 हेक्टेयर से बढ़कर 10,000 हेक्टेयर
दुग्ध उत्पादन
50.92 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 54.59 लाख लीटर
मछली उत्पादन
7325 टन से बढ़कर 10487 टन प्रति वर्ष हो गया है।
पर्यटन और होमस्टे में भी बढ़ोतरी
पर्यटन के क्षेत्र में भी राज्य में तेजी आई है।
होटल और अन्य स्टे की संख्या 8225 से बढ़कर 10509
होमस्टे 3935 से बढ़कर 6161 हो गए हैं।
एसडीजी इंडेक्स में उत्तराखंड अव्वल
सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के मामले में भी राज्य ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
वर्ष 2021-22 में चौथा स्थान
जबकि 2023-24 में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर रहा।
भविष्य का अनुमान
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की जीएसडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो आने वाले वर्षों में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के और मजबूत होने का संकेत देता है।



