चमोली में असली सोने के गहने गिरवी रखे, वापस मिले नकली, फर्जी हॉलमार्किंग का भंडाफोड़
पुलिस ने 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर मशीन और उपकरण किए बरामद

Rajkumar Dhiman, Dehradun: चमोली जिले में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो नकली ज्वैलरी पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर लोगों को ठग रहा था। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से हॉलमार्क लगाने की मशीन समेत कई उपकरण बरामद हुए हैं।
यह मामला तब प्रकाश में आया, जब 19 मार्च को ज्योतिर्मठ क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि उसने जुलाई 2025 में अपने सोने के नथ और झुमके 40 हजार रुपये के बदले गिरवी रखे थे। तय ब्याज चुकाने के बाद जब उसने अपने गहने वापस लिए, तो उनकी चमक और गुणवत्ता पर संदेह हुआ।
शक गहराने पर जब महिला ने अन्य ज्वैलर्स से जांच कराई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। गहने नकली थे, लेकिन उन पर बेहद चालाकी से हॉलमार्क लगाया गया था, जिससे वे असली जैसे लग रहे थे।
पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की और मुख्य आरोपी बंटी कुमार को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने असली गहनों की जगह नकली तैयार करवाकर महिला को लौटा दिए थे। पुलिस ने उसके पास से नकली नथ और झुमके बरामद कर सील किए।
जांच आगे बढ़ी तो एक और बड़ा नाम सामने आया। आरोपी ने खुलासा किया कि कर्णप्रयाग निवासी पंकज कुमार प्रभु कम कैरेट की ज्वैलरी पर फर्जी 20 कैरेट का हॉलमार्क लगाकर उसे असली जैसा बना देता था। इसके लिए उसके पास अवैध हॉलमार्क मशीन भी थी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने कर्णप्रयाग में दबिश दी और आरोपी पंकज कुमार प्रभु को बाजार से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और संभावित पीड़ितों की तलाश में जुटी है। शुरुआती जांच में अंदेशा है कि यह खेल लंबे समय से चल रहा था और कई लोग इसके शिकार हो सकते हैं।



