
Rajkumar Dhiman, Dehradun: तीर्थनगरी ऋषिकेश में अवैध गतिविधियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने हरिद्वार रोड स्थित होटल नवरंग में चल रहे कैसिनो का पर्दाफाश किया। हैरानी की बात यह रही कि 27 मार्च को शुरू हुए इस तथाकथित ‘ग्रैंड ओपनिंग’ कसीनो पर 28 मार्च की देर रात ही छापेमारी कर दी गई। कार्रवाई के दौरान 10 महिला डांसर समेत कुल 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि होटल को सील कर दिया गया है। होटल मालिक फरार बताया जा रहा है। अवैध कैसिनो के प्रति आइडीपीएल पुलिस चौकी की अनदेखी पाते हुए एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने यहां के पूरे स्टाफ को सस्पेंड कर दिया है।
छापेमारी में क्या मिला
पुलिस को मौके से भारी मात्रा में जुआ सामग्री और नकदी बरामद हुई। कुल ₹1.36 लाख से अधिक कैश, 3356 कसीनो चिप्स, 26 ताश की गड्डियां, अवैध शराब की बोतलें और गेम में इस्तेमाल होने वाले नकली नोट बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कसीनो का संचालन बड़े स्तर पर किया जा रहा था।
‘नेपाली थीम’ पर चलता था कैसिनो
यह अवैध कैसिनो ‘नेपाली थीम’ के नाम पर संचालित किया जा रहा था। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष रूप से महिला डांसरों को बुलाया गया था। छापेमारी के समय करीब 30 लोग जुआ खेलते पाए गए, जबकि 10 डांसर माहौल बनाने के लिए मौजूद थीं।
मास्टरमाइंड और डिजिटल नेटवर्क
इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड अशोक थापा (गुमानीवाला, श्यामपुर) बताया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि लेनदेन का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से हो रहा था, जिससे मौके पर नकदी अपेक्षाकृत कम मिली। हार-जीत का पूरा खेल डिजिटल तरीके से संचालित किया जा रहा था।
पुलिस पर भी गिरी गाज
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने सख्त रुख अपनाया। आईडीपीएल चौकी के पूरे स्टाफ को निलंबित कर दिया गया है। चौकी प्रभारी समेत 12 पुलिसकर्मियों पर इलाके में चल रही अवैध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई न करने और लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं।
होटल मालिक पर भी शिकंजा
होटल नवरंग के मालिक जगदीश कंडवाल ने यह संपत्ति अशोक थापा को लीज पर दी थी। उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संरक्षण देने वालों की पहचान की जा रही है।
गिरफ्तार लोगों की सूची
कार्रवाई में स्थानीय और बाहरी दोनों तरह के लोग पकड़े गए हैं।
स्थानीय आरोपी
अशोक थापा, सूरज, हर्षवर्धन उर्फ पिंटू रावत, विनोद सिंह, नरेन्द्र पाल, संतन् सिंह, हितेश, राकेश जोशी, सोनू, मोहन सिंह, भगवान सिंह, गोपाल सिंह, सुरेन्द्र सिंह, सलीम, बक्सी सिंह पंवार, प्रमोद बिष्ट, राजेश सिंह, गुरुप्रसाद, त्रिलोक सिंह राणा, महेन्द्र सिंह, शिव सिंह, भगवती प्रसाद, संजीव सिंह
बाहरी आरोपी (दिल्ली/यूपी)
संजीव, दीपक, लखदीप कुमार, राहुल, अभिषेक, राहुल सिंह बिष्ट, सुशील रावत
महिला आरोपी (डांसर):
सिमरन, अंजलि, पवित्रा, सरिता लामा, सानिया, प्रीति, मायरा, सबीना, श्वेता, मनीषा कौशिक
अवैध धंधे में सफेदपोशों की भूमिका की जांच
इस मामले में कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा संख्या 123/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम की धारा 3/4/5 और आबकारी अधिनियम की धारा 60/68 के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल स्वयं इस पूरे प्रकरण की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही उन सफेदपोशों और जनप्रतिनिधियों की भी जांच की जा रही है, जिनकी इस अवैध धंधे में भूमिका होने की आशंका है।



