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प्रधानमंत्री मोदी 14 को दून आ रहे, दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे का करेंगे लोकार्पण, ढाई घंटे में सफर होगा पूरा और टोल ₹675

देहरादून के छोर पर 12 किमी लंबी एलिवेटेड रोड सबसे बड़ा आकर्षण, रोमांच का भी मिलेगा अनुभव

Rajkumar Dhiman, Dehradun: दिल्ली से देहरादून के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से इंतजार में रहा दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे अब उद्घाटन के अंतिम चरण में पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री Narendra Modi 14 अप्रैल को इस हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को जनता को समर्पित कर सकते हैं। करीब 210 से 213 किलोमीटर लंबा यह छह लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे दिल्ली से देहरादून की यात्रा को मौजूदा 5 से 6 घंटे से घटाकर सिर्फ 2.5 से 3 घंटे में समेट देगा।

एशिया का सबसे लंबा ग्रीन कॉरिडोर बना आकर्षण
इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित हिस्सा है गणेशपुर से डाटकाली तक बना 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड सेक्शन, जिसे एशिया के सबसे लंबे ग्रीन कॉरिडोर के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हेलीकॉप्टर गनेशपुर में एलिवेटेड रोड के शुरुआती भाग पर उतरेगा। फिर वह इस पर सफर करते हुए दून के महिंद्रा ग्राउंड पहुंचकर जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

एलिवेटेड रोड को (गणेशपुर/सहारनपुर से डाटकाली मंदिर तक) राजाजी क्षेत्र और वन्यजीवों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। सड़क चौड़ीकरण की जगह एलिवेटेड स्ट्रक्चर चुना गया ताकि नीचे वन क्षेत्र और पशु मार्ग सुरक्षित रहें। वैसे इस एलिवेटेड भाग का निर्माण अक्टूबर 2024 में किया जा चुका था, मगर परियोजना के दूसरे हिस्सों में कार्य गतिमान था। अब प्रधानमंत्री समग्र रूप में एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करने जा रहे हैं।

एलिवेटेड रोड परियोजना की मुख्य विशेषताएं
एलिवेटेड रोड लंबाई: 12 किमी
निर्माण लागत: लगभग ₹1500 करोड़
कुल पिलर: 575
पूरी परियोजना लागत: लगभग ₹11,970 करोड़ से ₹12,000 करोड़
कुल पैकेज: 11
एंट्री/एग्जिट पॉइंट: 16
रेलवे ओवरब्रिज: 5
वाहन अंडरपास: 110+
सर्विस रोड: 76 किमी
कुल एलिवेटेड सेक्शन: 29 किमी

वन्यजीवों के लिए बड़ी राहत
इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका वाइल्डलाइफ-फ्रेंडली डिजाइन है। यहां दो एलिफेंट अंडरपास और आठ वन्यजीव गलियारे बनाए गए हैं, जिनका उपयोग हाथी और अन्य जंगली जानवर बेखौफ कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार वन्यजीवों ने इन गलियारों को स्वीकार कर लिया है और उनकी आवाजाही पहले से अधिक सुरक्षित हुई है।

दिल्ली से दून तक नया रूट
नया एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम क्षेत्र से शुरू होकर बागपत, शामली, सहारनपुर होते हुए देहरादून पहुंचेगा। देहरादून एंट्री पर डाटकाली क्षेत्र में नई टनल बनाई गई है। पहले से मौजूद टनल के साथ इसे दो-तरफा निर्बाध आवागमन के लिए विकसित किया गया है। इसके बाद आरटीओ चेकपोस्ट तक फ्लाईओवर और आगे देहरादून-हरिद्वार हाईवे से कनेक्टिविटी दी गई है।

स्पीड लिमिट और निगरानी व्यवस्था
सुरक्षित हाई-स्पीड सफर के लिए एक्सप्रेसवे पर आधुनिक निगरानी प्रणाली लगाई गई है।
कार और छोटे वाहन: 100 किमी/घंटा
भारी वाहन: 80 किमी/घंटा
मोड़ों पर कम स्पीड लिमिट
16 स्पीड डिटेक्शन कैमरे
12 मोबाइल टावर इंस्टॉल
ओवरस्पीडिंग की स्थिति में कैमरे सीधे कंट्रोल रूम और परिवहन विभाग को सूचना भेजेंगे, जिसके आधार पर स्वचालित चालान जारी किया जाएगा।

वाहन खराब होने पर ले-बाय और क्रेन सुविधा
यात्रियों की सुविधा के लिए एलिवेटेड रोड पर दोनों ओर ले-बाय पॉइंट बनाए गए हैं, जहां वाहन खराब होने पर सुरक्षित तरीके से खड़ा किया जा सकेगा। इसके अलावा पेट्रोलिंग वाहन, क्रेन और आपातकालीन सहायता टीम हर समय तैनात रहेगी।

डाटकाली मंदिर श्रद्धालुओं के लिए अलग ओवरपास
डाटकाली मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एक अलग 700 मीटर लंबा घुमावदार ओवरपास बनाया गया है। इससे श्रद्धालुओं को एक्सप्रेसवे क्रॉस करने में कोई खतरा नहीं रहेगा।

लंबाई: 700 मीटर
लागत: लगभग ₹14 करोड़

पेड़ों की कटाई में बड़ी कमी
पहले पुराने मार्ग को चौड़ा करने की योजना थी, जिसमें 80 से 90 हजार पेड़ों की कटाई संभावित थी। लेकिन एलिवेटेड रोड मॉडल अपनाने के बाद यह संख्या घटकर करीब 11 हजार पेड़ों तक सीमित रही। इससे नीचे का वन क्षेत्र वन्यजीवों के लिए खुला और सुरक्षित बना रहा।

कितना लगेगा टोल?
NHAI के अनुसार कार चालकों के लिए एक तरफ का टोल लगभग ₹675 तय किया गया है। वहीं, वन-वे: ₹675 और 24 घंटे के भीतर रिटर्न: ₹1010, यानी एक दिन में आने-जाने पर करीब ₹340 की बचत होगी। NHAI का अनुमान है कि इससे हर साल ₹900 से ₹950 करोड़ टोल राजस्व प्राप्त हो सकता है।

पुराने रूट से कितना अंतर?
मौजूदा दिल्ली–मेरठ–मुजफ्फरनगर–रुड़की रूट से दूरी लगभग 250 किमी पड़ती है और समय 5–6 घंटे लगता है। जबकि नए एक्सप्रेसवे में दूरी घटाकर लगभग 210 किमी और समय घटकर 2.5–3 घंटे के बीच होगा।

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