Dehradun

दून में जनगणना करने पहुंची शिक्षिका पर रॉटवीलर का हमला, चीख-पुकार सुनकर भी बाहर नहीं आए मालिक

शिक्षक संघ ने दी जनगणना कार्य बहिष्कार की चेतावनी, नगर निगम पर भी उठ रहे सवाल

Amit Bhatt, Dehradun:  जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में जुटे सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजधानी देहरादून के वसंत विहार क्षेत्र स्थित इंद्रा नगर में घर-घर सर्वे के दौरान एक शिक्षिका पर पालतू रॉटवीलर के हमले ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। घटना के बाद शिक्षक संगठनों में जबरदस्त आक्रोश है और साफ चेतावनी दी गई है कि यदि सुरक्षा की गारंटी नहीं दी गई तो जनगणना कार्य का बहिष्कार किया जा सकता है।

जानकारी के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय पंडितवाड़ी में तैनात शिक्षिका आशा भंडारी रविवार को जनगणना कार्य के तहत एक घर पर जानकारी जुटाने पहुंची थीं। बताया जा रहा है कि घर में मौजूद रॉटवीलर खुला छोड़ा गया था। जैसे ही शिक्षिका परिसर में दाखिल हुईं, कुत्ता उन पर झपट पड़ा और बाजू पर बुरी तरह काट लिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और अन्य जनगणना कर्मी मौके पर पहुंचे और किसी तरह उन्हें कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया। घायल शिक्षिका का उपचार कराया गया है।

घटना के बाद राजकीय प्राथमिक शिक्षक संगठन ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र रावत ने जिलाधिकारी से घायल शिक्षिका के समुचित उपचार, दोषी भवन स्वामी के खिलाफ जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने दो टूक कहा है कि यदि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई तो जनगणना कार्य के बहिष्कार पर निर्णय लिया जाएगा।

जनगणना कर्मियों से अभद्रता भी बनी बड़ी चुनौती

जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों की परेशानी केवल खूंखार कुत्तों तक सीमित नहीं है। एक अन्य महिला कर्मचारी ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि भवन संख्या अंकित करने के दौरान एक महिला ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इतना ही नहीं, बाद में जब वह दोबारा उसी भवन पर पहुंचीं तो पहले लिखी गई भवन संख्या मिटाई जा चुकी थी। विरोध पर महिला ने सवाल किया—”किससे पूछकर संख्या लिखी थी?” स्थिति से क्षुब्ध कर्मचारी ने संबंधित भवन को ऑनलाइन पोर्टल पर ‘लॉक्ड हाउस’ के रूप में दर्ज कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह के व्यवहार से सरकारी कार्य प्रभावित हो रहा है।

दून में खूंखार कुत्तों का बढ़ता आतंक, फिर कठघरे में निगम प्रशासन

जनगणना ड्यूटी के दौरान शिक्षिका पर हमला कोई अकेली घटना नहीं है। देहरादून में पिटबुल और रॉटवीलर जैसी आक्रामक नस्लों के हमले लगातार सामने आते रहे हैं, लेकिन प्रभावी नियंत्रण अब भी सवालों के घेरे में है।

जुलाई 2025: जाखन, राजपुर रोड क्षेत्र में मंदिर जा रहीं 75 वर्षीय कौशल्या देवी पर दो पालतू रॉटवीलर ने हमला कर दिया था। महिला गंभीर रूप से घायल हुई थीं और मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बना था।

सितंबर 2025: प्रेमनगर में खुले घूम रहे रॉटवीलर ने एक महिला पर हमला कर दिया था। सिर और हाथों पर गंभीर चोटें आई थीं।

इसके अलावा डालनवाला, वसंत विहार, पटेलनगर, क्लेमेंटटाउन और रेसकोर्स जैसे इलाकों में भी पालतू और आवारा कुत्तों के हमलों की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि डॉग बाइट के मामलों में देहरादून सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल है। दून अस्पताल और कोरोनेशन अस्पताल में रोज बड़ी संख्या में लोग एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचते हैं।

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