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देहरादून में उमड़ा 45 हजार वाहनों का सैलाब, चौतरफा लगा जाम

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू हो जाने के बाद अचानक से बेतहाशा बढ़ने लगा वाहनों का दबाव

Rajkumar Dhiman, Dehradun: वीकेंड पर मसूरी, चकराता और ऋषिकेश घूमने पहुंचे पर्यटकों की भारी भीड़ से देहरादून जिले की सड़कें दो दिनों तक वाहनों से पट गईं। शनिवार और रविवार को महज दो दिन में 45 हजार से अधिक वाहनों की आमद ने यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया। जिससे चौतरफा जाम की स्थिति भी नजर आई। बढ़ते ट्रैफिक को संभालने के लिए पुलिस को विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करना पड़ा और किसी तरह हालात को काबू में रखने के प्रयास किए गए।

पुलिस के अनुसार दो दिनों में जिले में कुल 45 हजार से अधिक वाहन प्रवेश कर गए। इनमें लगभग 26 हजार कारें, 13,500 बसें और टेंपो ट्रैवलर तथा करीब 5,700 दोपहिया वाहन शामिल रहे। बड़ी संख्या में पर्यटक मसूरी, चकराता और ऋषिकेश की ओर रवाना हुए।

मसूरी मार्ग पर सबसे ज्यादा दबाव
पर्यटन नगरी मसूरी की ओर सबसे अधिक यातायात दर्ज किया गया। वीकेंड के दौरान मसूरी जाने वाले मार्ग पर 2,870 कारें, 59 बसें और टेंपो ट्रैवलर तथा करीब 1,700 दोपहिया वाहन पहुंचे। इससे देहरादून-मसूरी मार्ग पर कई स्थानों पर ट्रैफिक का भारी दबाव बना रहा।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और प्रेमनगर हाईवे पर बढ़ा दबाव
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और प्रेमनगर हाईवे पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ने से पुलिस प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए पूरे जिले को चार सुपर जोन, 10 जोन और 19 सेक्टरों में विभाजित किया गया।

प्रत्येक सुपर जोन की निगरानी पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई, जबकि इंस्पेक्टर और चौकी प्रभारियों को अलग-अलग जोन और सेक्टर की जिम्मेदारी दी गई।

जाम से बचाने को लागू किया गया डायवर्जन प्लान
भारी ट्रैफिक को देखते हुए पुलिस ने बहुस्तरीय डायवर्जन योजना लागू की। इसके तहत वाहनों के लिए अलग एंट्री और एग्जिट सिस्टम बनाया गया। मसूरी जाने वाले वाहनों को जाम से बचाने के लिए वैकल्पिक किमाड़ी मार्ग का भी इस्तेमाल कराया गया।

पुलिस की 12 मोबाइल टीमें लगातार सड़कों पर गश्त करती रहीं। स्थानीय थाना पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और अभियोजन विभाग के कर्मचारी भी मौके पर तैनात रहे।

गूगल मैप पर दी गई लाइव ट्रैफिक जानकारी
पर्यटकों की सुविधा के लिए पुलिस ने गूगल मैप के माध्यम से ट्रैफिक डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की लाइव जानकारी उपलब्ध कराई। वहीं नो-पार्किंग क्षेत्रों में खड़े वाहनों को क्रेन की मदद से हटाया गया। प्रमुख चौराहों पर बैरिकेडिंग और ट्रैफिक कोन लगाए गए।

वरिष्ठ अधिकारी लगातार करते रहे निगरानी
वरिष्ठ ट्रैफिक अधिकारियों ने दिन में तीन से चार बार विभिन्न तैनाती स्थलों का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही पर्यटकों को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए मौके पर दिशा-निर्देश भी दिए गए।

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