उत्तराखंड में चुनावी सरगर्मी के बीच भाजपा ने नेताओं को बांटे दायित्व, कई को मिला दर्जाधारी राज्यमंत्री का दर्जा
कई नेता अभी वेटिंग लिस्ट में, आने वाले दिनों में नाव पार लगने की उम्मीद

Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड की राजनीति में आगामी चुनावों को लेकर हलचल तेज होती नजर आ रही है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने लंबे समय से लंबित दायित्व वितरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए विभिन्न सलाहकार समितियों, परिषदों और आयोगों में कई वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। इनमें कुछ नेताओं को दर्जाधारी राज्यमंत्री का दर्जा भी प्रदान किया गया है।
राजनीतिक दृष्टि से इस फैसले को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार ने संगठन और सत्ता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। कुमाऊं और गढ़वाल मंडल दोनों क्षेत्रों से नेताओं को प्रतिनिधित्व देकर पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि चुनावी तैयारियां अब तेज चरण में पहुंच चुकी हैं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह कदम लंबे समय से संगठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं को सम्मान देने के साथ-साथ आगामी चुनावों से पहले पार्टी के भीतर ऊर्जा भरने का प्रयास भी है। इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ने की संभावना है।
इन नेताओं को मिली जिम्मेदारियां
-नैनीताल के वरिष्ठ पत्रकार ध्रुव रौतैला को मीडिया सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
-टिहरी गढ़वाल के विनोद सुयाल को युवा कल्याण सलाहकार समिति में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
-टिहरी की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण को जड़ी-बूटी सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
-चंपावत के मुकेश महराना को चाय विकास सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
-कुलदीप सिंह बुटोला को उत्तराखंड राज्य स्तरीय खेल परिषद का अध्यक्ष बनाया गया है।
-भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रमुख खेम सिंह चौहान को उत्तराखंड ओबीसी आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
-चारु कोठारी को राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
चंपावत की हरिप्रिया जोशी को उत्तराखंड राज्य महिला आयोग में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है।
-गोविंद पिलखवाल को दर्जा राज्यमंत्री के साथ उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
-बलजीत सोनी को अल्पसंख्यक आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
-चमोली निवासी भाजपा नेता प्रेम सिंह राणा को जनजाति आयोग में उपाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है।
सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में कुछ और नामों की घोषणा भी की जा सकती है, जिससे सियासी हलचल और तेज होने की संभावना है। लिहाजा, अभी भी तमाम नेता आस लगाए बैठे हैं। ताकि चुनावी समर में उनकी भी नाव पार लग जाए।



