एएसआई की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पुलिस को पीएम रिपोर्ट का इंतजार
खाना खाकर सोए और ड्यूटी का समय हुआ तो फिर कभी नहीं उठे

Round The Watch News: ऊधम सिंह नगर में तैनात एक पुलिसकर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे महकमे को झकझोर दिया है। रुद्रपुर पुलिस लाइन में तैनात एएसआई संजय खाती अब इस दुनिया में नहीं रहे और उनकी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
आराम से सोए… फिर कभी नहीं उठे
परिवार के मुताबिक, 54 वर्षीय संजय खाती रविवार को सामान्य दिनचर्या में थे। उन्होंने सुबह और दोपहर में खाना खाया और नाइट ड्यूटी से पहले आराम करने के लिए सो गए। लेकिन रात करीब 10 बजे जब उन्हें ड्यूटी के लिए उठाया गया, तो वह नहीं जागे।
पहले परिजनों ने खुद उन्हें उठाने की कोशिश की, लेकिन जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो पड़ोसियों को बुलाया गया। हालात गंभीर देख तुरंत 108 एंबुलेंस से उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार और विभाग—दोनों सदमे में
संजय खाती मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट (ग्राम मल्ला गरका) के निवासी थे और वर्तमान में रुद्रपुर कोतवाली के सरकारी आवास में परिवार के साथ रह रहे थे। उनकी अचानक मौत से पत्नी और बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पुलिस महकमे में भी शोक की लहर है।
‘एक दिन पहले तक बिल्कुल ठीक थे’
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। रुद्रपुर कोतवाली के एसएसआई अनिल जोशी ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि संजय खाती एक-दो दिन पहले तक बिल्कुल सामान्य थे और सहकर्मियों से हंसकर बातचीत कर रहे थे, जिससे यह घटना और भी रहस्यमयी लग रही है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को मोर्चरी भेज दिया है। अब सभी की नजर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।
कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी को श्रद्धांजलि
सहकर्मियों के अनुसार, संजय खाती एक जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी थे। उनके आकस्मिक निधन से विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस लाइन में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी जाएगी। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि जिंदगी कितनी अनिश्चित है और कभी-कभी सबसे सामान्य दिखने वाला दिन भी आखिरी साबित हो सकता है।



