वीडियो: केदारनाथ में लगे हेमंत द्विवेदी मुर्दाबाद के नारे, वीआईपी दर्शन पर नाराज हुए तीर्थ पुरोहित
बाबा केदार के दर पर वीआईपी दर्शन को लेकर सख्त नाराजगी

Rajkumar Dhiman, Uttarakhand: केदारनाथ धाम में बाबा केदार के दर पर वीआईपी दर्शन की व्यवस्था को लेकर तीर्थ पुरोहितों का पारा चढ़ गया। उन्होंने बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के विरुद्ध मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही वीआईपी गेट बंद करने की मांग उठाई गई। इस विरोध प्रदर्शन का वीडियो भी जमकर वायरल किया जा रहा है। दूसरी तरफ राज्य सरकार ने भी घटना का संज्ञान लिया है। इस तरह की बातें संज्ञान में आई हैं कि पुलिस कर्मी और कुछ अन्य पैसे लेकर भी वीआईपी दर्शन करवाते हैं। लिहाजा, धाम की व्यवस्था में अन्यत्र की पुलिस को लगाने की तैयारी है।
शादी की 40वीं वर्षगांठ पर पहुंचे धाम पहुंचे अडानी
दूसरी तरफ देश के प्रमुख उद्योगपति Gautam Adani ने शुक्रवार सुबह उत्तराखंड के पवित्र Kedarnath Temple में दर्शन किए। इस खास अवसर पर उनके साथ उनकी पत्नी Priti Adani भी मौजूद रहीं। अपनी शादी की 40वीं वर्षगांठ के मौके पर दोनों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर आशीर्वाद लिया। अडाणी सुबह दिल्ली से देहरादून पहुंचे और वहां से निजी हेलिकॉप्टर के जरिए केदारनाथ धाम पहुंचे।
आध्यात्मिक शुरुआत और खास संदेश
दर्शन के बाद अडाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने लिखा कि यह दिन उनके लिए दोहरी खुशी लेकर आया—एक ओर विवाह की 40वीं वर्षगांठ और दूसरी ओर International Workers’ Day।
उन्होंने अपनी पत्नी को जीवन का मजबूत सहारा बताते हुए आभार जताया और देश की प्रगति व समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना की। साथ ही, अडाणी समूह के कर्मचारियों के साथ संवाद बढ़ाने के लिए “अपनी बात, अपनों के साथ” नाम से नई पहल की भी घोषणा की।
रोपवे परियोजना का एरियल सर्वे, कंपनी को मिला है काम
धार्मिक दर्शन के बाद अडाणी ने प्रस्तावित सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे परियोजना का हवाई सर्वे करने की योजना भी बनाई। यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट Adani Group के नेतृत्व में तैयार किया जा रहा है।
करीब 13 किलोमीटर लंबा यह रोपवे हिमालय के बेहद कठिन भौगोलिक क्षेत्र में बनाया जाएगा। फिलहाल श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग से केदारनाथ तक लगभग 16 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई करनी पड़ती है, जिसमें 8–9 घंटे लगते हैं। रोपवे बनने के बाद यह यात्रा घटकर लगभग 36 मिनट की रह जाएगी।
आधुनिक तकनीक और बड़ी क्षमता
यह परियोजना अत्याधुनिक ‘3S’ (थ्री-केबल) तकनीक पर आधारित होगी, जो तेज हवाओं और खराब मौसम में भी सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करेगी। लगभग 4,081 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस रोपवे की क्षमता प्रति घंटे करीब 1,800 यात्रियों को एक दिशा में ले जाने की होगी, जिससे तीर्थ सीजन की भीड़ को नियंत्रित करना आसान होगा।
परियोजना की मंजूरी और समयसीमा
इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार से मार्च 2025 में मंजूरी मिली थी, जबकि Adani Enterprises Limited को सितंबर 2025 में इसका निर्माण कार्य सौंपा गया। अनुमान है कि इसे पूरा होने में लगभग पांच साल लगेंगे। यह परियोजना राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम ‘पर्वतमाला’ के तहत विकसित की जा रही है, जिसका उद्देश्य दुर्गम धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच को आसान बनाना है।
केदारनाथ का महत्व
3,584 मीटर की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम हिंदुओं के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और Lord Shiva को समर्पित है। मंदाकिनी नदी के तट पर बसे इस धाम में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।



