पहचान छिपाकर हिंदू लड़कियों को फंसाने वाला गिरफ्तार, लिवइन और धर्मांतरण का बनाता था दबाव
नैनीताल में गिरफ्तार किए गए यूनुस ने बॉबी जैसे नामों का किया प्रयोग, ब्राह्मण लड़कियां विशेष टारगेट

Round The Watch News: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर अपनी पहचान छिपाकर हिंदू युवतियों को प्रेमजाल में फंसाता था और बाद में उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाता था। आरोपी की पहचान मोहम्मद यूनुस के रूप में हुई है, जो “Amdy” और “बॉबी” जैसे नामों का इस्तेमाल कर युवतियों से संपर्क करता था। खासकर उसकी निगाह हिंदू लड़कियों पर रहती थी।
ऐसे बनाता था शिकार
पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी खुद को क्रिएटिव आर्टिस्ट बताकर फोटोग्राफी, वीडियो शूट, ट्रेकिंग और म्यूजिक से जुड़े गतिविधियों के बहाने युवतियों से दोस्ती करता था। भरोसा जीतने के बाद वह उनके साथ नजदीकियां बढ़ाता और फिर कथित तौर पर उनका मानसिक, शारीरिक और आर्थिक शोषण करता था।
कई सालों से सक्रिय
स्थानीय जानकारी के अनुसार, युवक पिछले 6-7 वर्षों से इस तरह की गतिविधियों में शामिल था। वह हल्द्वानी, भीमताल और आसपास के क्षेत्रों की युवतियों को निशाना बनाता था। एक पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसने 2020 से अब तक उससे महंगे कैमरा उपकरण और अन्य सामान खरीदवाने के नाम पर करीब 17 लाख रुपये खर्च कराए।
शादी का झांसा और दबाव
शिकायतों में कहा गया है कि आरोपी पहले शादी का वादा करता था, लेकिन बाद में अपनी असली पहचान सामने आने पर युवतियों पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालता था। कुछ मामलों में ब्लैकमेलिंग कर पैसे ऐंठने के भी आरोप हैं, जिनकी रकम 30-35 लाख रुपये तक बताई जा रही है।
पुलिस कार्रवाई और बरामदगी
मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के ठिकाने पर छापा मारा, जहां से कई मोबाइल फोन और महंगे उपकरण बरामद किए गए। इसके बाद कमरे को सील कर दिया गया। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
जांच के लिए विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर एसआईटी और एसओजी की टीम गठित की गई है, जो पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित पीड़ितों की जांच कर रही है।
अवैध निर्माण पर भी कार्रवाई
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का भीमताल स्थित मकान सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे में बना है। प्रशासन ने इसे अतिक्रमण मानते हुए ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कड़ी धाराओं में मुकदमा
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।



