केदारनाथ में “ऑपरेशन लेब्राडोर”: घंटों में ढूंढ निकाला लापता पालतू श्वान, रुद्रप्रयाग पुलिस की तत्परता ने जीता दिल
पूरा परिवार यात्रा पर आया तो पालतू श्वान को भी संग लाना पड़ा

Round The Watch News: चारधाम यात्रा के दौरान जहां एक ओर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को संभालना बड़ी चुनौती बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर रुद्रप्रयाग पुलिस मानवीय संवेदनाओं की मिसाल भी पेश कर रही है। इसका ताजा उदाहरण केदारनाथ धाम में देखने को मिला, जहां धाम से लापता हुआ एक पालतू लेब्राडोर श्वान कुछ ही घंटों में पुलिस ने सकुशल बरामद कर उसके मालिक को सौंप दिया। अपना “परिवार का सदस्य” वापस मिलने पर तीर्थ पुरोहित की आंखों में खुशी साफ झलक उठी।
बताया गया कि केदारनाथ धाम में प्रवास कर रहे देवेश शुक्ला का करीब 11 माह का लेब्राडोर नस्ल का डॉग अचानक लापता हो गया। सूचना कंट्रोल रूम के जरिए चौकी भीमबली पुलिस तक पहुंची। आशंका जताई गई कि कुछ अज्ञात लोग श्वान को अपने साथ ले गए हैं। सूचना देने वाले स्वयं भी उसकी तलाश में धाम से नीचे की ओर आ रहे थे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए चौकी भीमबली प्रभारी ने तुरंत पुलिस टीम को सक्रिय किया। केदारनाथ पैदल मार्ग पर आने-जाने वाले लोगों की सघन चेकिंग शुरू की गई। पुलिस ने हर संभावित स्थान पर पूछताछ की और पैदल मार्ग पर लगातार नजर रखी।
पुलिस की तेजी रंग लाई और कुछ ही समय बाद उक्त लेब्राडोर भीमबली क्षेत्र में मिल गया। जानकारी के मुताबिक श्वान यात्रियों के पीछे-पीछे पैदल मार्ग पर नीचे की ओर आ रहा था। बाद में उसे सुरक्षित रूप से रस्सी से बांधकर एक दुकान पर रखा गया था, जहां पुलिस टीम पहुंची और उसे अपने कब्जे में लिया।
इसके बाद श्वान को पीछे से आ रहे तीर्थ पुरोहित अंकुश शुक्ला निवासी ग्राम रुद्रपुर, गुप्तकाशी के सुपुर्द कर दिया गया। अपने पालतू डॉग को सकुशल वापस पाकर परिवार ने राहत की सांस ली और रुद्रप्रयाग police की तत्परता की जमकर सराहना की।
अंकुश शुक्ला ने बताया कि पूरा परिवार इन दिनों केदारनाथ धाम में मौजूद है। घर पर देखभाल करने वाला कोई नहीं था, इसलिए वे अपने पालतू श्वान को भी साथ लेकर धाम आए थे। अचानक उसके लापता होने से पूरा परिवार परेशान हो गया था।
चारधाम यात्रा के भारी दबाव के बीच रुद्रप्रयाग पुलिस की यह संवेदनशील कार्यशैली अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन रही है। स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों की भावनाओं और परेशानियों को भी गंभीरता से समझ रही है।



